सिर्फ डिग्री नहीं, अच्छे कर्म बनाते हैं इंसान की पहचान : आचार्य पुलक सागर

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सिर्फ डिग्री नहीं, अच्छे कर्म बनाते हैं इंसान की पहचान : आचार्य पुलक सागर

ज्ञान गंगा महोत्सव में विद्यार्थियों को मिला जीवन की सफलता का मंत्र—नाम नहीं, काम से बनती है पहचान

 

भीलवाड़ा।

डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी या सीए बनना जीवन का लक्ष्य हो सकता है, लेकिन इन सबसे ऊपर एक अच्छा इंसान बनना जरूरी है। दुनिया व्यक्ति को उसके नाम से नहीं, बल्कि उसके कर्मों और व्यवहार से पहचानती है। महानता किसी के जन्म से नहीं, बल्कि उसके श्रेष्ठ कर्मों से अर्जित होती है। यह प्रेरक संदेश आचार्य पुलक सागर महाराज ने चित्रकूटधाम में आयोजित ज्ञान गंगा महोत्सव में विद्यार्थियों को दिया।

 

आचार्य श्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि जीवन को संस्कारवान और मानवीय बनाना है। अक्षर ज्ञान के साथ इंसानियत, संवेदनशीलता और मानवीयता सीखना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ जीवन जीने की कला और संस्कार भी दें, वहीं विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों का सम्मान करने की सीख दी।

असफलता से घबराएं नहीं, उसे सफलता की सीढ़ी बनाएं

परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थियों में बढ़ते तनाव पर आचार्य श्री ने कहा कि कम अंक आने या असफल होने पर निराश होने की आवश्यकता नहीं है। असफलता अंत नहीं, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का अवसर है। जीवन किसी एक परीक्षा के परिणाम से कहीं अधिक मूल्यवान है। इसलिए विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखें और निरंतर प्रयास करते रहें।

उन्होंने विद्यार्थियों को माता-पिता के सम्मान, राष्ट्र के प्रति निष्ठा और सकारात्मक सोच का संकल्प दिलाया। साथ ही किसी भी परिस्थिति में आत्महत्या जैसे घातक कदम न उठाने का संदेश देते हुए कहा कि जीवन अनमोल है और हर कठिन परिस्थिति का समाधान संभव है।

30 अगस्त तक चलेगा ज्ञान गंगा महोत्सव

आयोजकों के अनुसार ज्ञान गंगा महोत्सव 30 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। प्रतिदिन सुबह 8:30 से 10 बजे तक आचार्य पुलक सागर महाराज के प्रवचन होंगे, जबकि शाम 7 से 8 बजे तक आनंद यात्रा एवं आरती का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में भीलवाड़ा शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं।

प्रवचन से पूर्व दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन एवं मंगलाचरण हुआ। इसके बाद आचार्य श्री ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासाओं और जीवन से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया।

संदेश स्पष्ट है—डिग्री आपको किसी पद तक पहुंचा सकती है, लेकिन आपके अच्छे कर्म ही आपको लोगों के दिलों में जगह दिलाते हैं।

संकलन : अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी | 9929747312

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