Monk in yellow robes blessing kneeling participants during a ceremony in front of a banner with Hindu imagery.

अपेक्षा करने वालों की उपेक्षा न करें..क्योंकि नजरअंदाज करना रूह को भेद जाता है..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज

धर्म

अपेक्षा करने वालों की उपेक्षा न करें..क्योंकि नजरअंदाज करना रूह को भेद जाता है..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज

परतापुर बांसवाड़ा राजस्थान

अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज की अहिंसा संस्कार पदयात्रा दीक्षा भुमी परतापुर बांसवाड़ा में विराजमान आज उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने कहा कि। दुनिया में ऐसा कोई भी इंसान नहीं है, जो अपेक्षा न रखता हो। यह भी सत्य है कि जब अपेक्षाओं की उपेक्षा होती है, तो मन बहुत दुःखी होता है। हम दूसरों से सम्मान तो चाहते हैं, परन्तु सम्मान देना नहीं चाहते। संसार का कोई भी प्राणी अपमानित होकर जीना पसंद नहीं करता।

 

 

यदि कोई हमारा अपमान या उपेक्षा करता है, तो हम उद्वेलित हो जाते हैं, अपना आपा खो देते हैं और प्रतिक्रिया देना शुरू कर देते हैं। ऐसा तब होता है, जब हमारे आत्मसम्मान या स्वाभिमान को ठेस पहुँचती है।Promotional poster in Hindi about snacks and success, featuring a bright lightbulb and bowls of mixed fried snacks with contact numbers at the bottom.Promotional poster for Navin Jain Print Gallery with Buddha statues, devotional pictures, and printing equipment; includes contact numbers and Hindi text.

 

 

 

समझदार व्यक्ति वह है, जो दूसरों की परवाह किए बिना अपने आत्मसम्मान की ऊँचाई पर स्थिर रहकर गाली को गीत में, आलोचना को प्रशंसा में और अपमान को सम्मान में परिवर्तित कर दे। यह तभी सम्भव है, जब हमें अपनी वास्तविक पहचान का बोध हो। आत्मसम्मान और स्वाभिमान का गहरा रिश्ता है। एक-दूसरे के बिना दोनों अधूरे हैं।

 

हमने बचपन से पढ़ा और सुना है —
_सम्मान दोगे, तो सम्मान मिलेगा।_
_गीत गाओगे, तो दुनिया तुम्हारे गीत गाएगी।_
_प्रेम दोगे, तो प्रेम मिलेगा।_
_पड़ोसी के घर नमकीन भेजोगे, तो वहाँ से मिठाई का डिब्बा आएगा,_
_और यदि पत्थर फेंकोगे, तो बन्दूक की गोली आना भी निश्चित है।_

यदि हम आत्मसम्मान और स्वाभिमान का जीवन जीना चाहते हैं, तो जो स्वयं को अच्छा लगता है, वही दूसरों को देना प्रारम्भ कर दें। फिर देखिए, जीवन जीने का वास्तविक आनन्द कैसे आने लगता है…!!!

 

नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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