कैबिनेट मंत्री श्री मदन दिलावर ने लिया स्वस्तिभूषण माताजी का आशीर्वाद मन से राग, द्वेष और अहंकार खत्म करने पर ही जीवन बनेगा स्वर्गः स्वस्तिभूषण माताजी
केशवरायपाटन
जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर श्रीमुनिसुव्रतनाथ स्वामी के दो दिवसीय जन्म, तप और ज्ञान कल्याणक महोत्सव की शुरुआत शनिवार को अतिशय क्षेत्र में ध्वजारोहण से हुई।
चर्मण्यतवी नदी तट स्थित इस प्राचीन क्षेत्र में आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी के सानिध्य में देशभर से श्रद्धालु शामिल हुए। अलसुबह मूलनायक प्रतिमा का मंगल अभिषेक और शांतिधारा हुई। इसके बाद 108 जोड़ों ने सामूहिक श्रीमुनिसुक्त मंडल विधान
किया।
इन्हें मिला सौभाग्य
ध्वजारोहण का पुण्यार्जन दिल्ली के पदमचंद जैन और अंकुर जैन पाटनी परिवार को मिला। दीप प्रज्वलन कोटा के पदम हरसौरा, राजेंद्र हरसौरा, हुकुम काका और प्रकाश हरसौरा परिवार ने किया। सौधर्म इंद्र नैनवां के कमलकुमार जैन, कुबेर इंद्र जयकुमार जैन और महायज्ञ नायक विनोद जैन मारवाड़ा रहे।


धर्मसभा में आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ने कहा कि शरीर को नष्ट करने के कई साधन हैं, लेकिन आत्मा को राग और द्वेष ही जलाते हैं। मन से राग, द्वेष और अहंकार खत्म करने पर ही जीवन स्वर्ग बनता है। मोह में फंसा मनुष्य बेवजह चिंता में डूबकर दुखी रहता है। जब तक मन स्थिर नहीं होगा, तब तक वह धर्म में नहीं लग सकता।
आज निकाली जाएगी शोभायात्रा
प्रबंध समिति अध्यक्ष गुलाबचंद चुना वाले, मेला संयोजक उत्सव जैन बड़जात्या और महिला संयोजक नैना जैन ने बताया कि रविवार सुबह 7 बजे मूलनायक प्रतिमा का विशेष जन्म कल्याणक अभिषेक होगा।
सुबह 8 बजे रथ और स्वर्ण पालकी में भगवान की शोभायात्रा निकलेगी। तैयारियों में प्रबंध कार्यकारिणी समिति, सकल दिगंबर जैन समाज, णमोकार युवा मंडल, श्रीसुव्रत महिला मंडल और श्रीजैन नवरत्न ग्रुप जुटे हैं।
बूँदी
आज केशवराय पाटन स्थित पावन जैन अतिशय क्षेत्र में भारत गौरव स्वस्ति धाम की प्रेरणास्त्रोत, परम विदुषी लेखिका गणिनी आर्यिका 105 श्री स्वस्ति भूषण माताजी के मंगलमय दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
माताजी के श्रीमुख से निकले अमृततुल्य एवं प्रेरणादायक प्रवचनों ने अंतर्मन को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित कर दिया मदन दिलावर
रामगंजमंडी एवम राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री श्री मदन दिलावर ने माताजी का मंगल आशीर्वाद लिया इस अवसर पर क्षेत्र कमेटी द्वारा उनका स्वागत अभिनंदन किया।
श्री दिलावर ने दर्शन उपरान्त अपनी अभिव्यक्ति सांझा करते हुए कहा कि माताजी के श्रीमुख से निकले अमृततुल्य एवं प्रेरणादायक प्रवचनों ने अंतर्मन को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित कर दिया। उनके पावन सान्निध्य में जीवन को धर्म, संयम और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करने की दिव्य प्रेरणा प्राप्त हुई।
इस पावन अवसर पर उन्होंने माताजी को श्रद्धापूर्वक पुस्तक भेंट की उनका आशीर्वाद ग्रहण किया तथा उनके द्वारा प्रदर्शित अध्यात्म-पथ को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा
ऐसे संत सान्निध्य जीवन को दिशा, दृष्टि और दिव्यता प्रदान करते हैं।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

किया।