विश्व नमोकार दिवस विशेष 

काव्य रचना

विश्व नमोकार दिवस विशेष

अरिहंतों की शरण रहे

सिद्धशिला स्मरण रहे

आचार्य उपाध्यायों को नमन सर्वसाधुओं को

 

 

 

ध्यायो फिर देखो अतिशय

नमोकार मंत्र की जय

इस मंत्र की महिमा क्या कहिए मानव जीवन का साथ बने

हमने भी जपकर देखा है पलभर में बिगड़ी बात बने

 

यह मन मनमानी करता है इस मन की मान छोड़ ही दो

जिस पन्ने पर इच्छा लिखो उस पन्ने को तुम मोड ही दो

ये माया की माया है

इसमें सब भरमाया है

खुद को जानो जाप करो

मैं भी करूं और आप करो

मन में मत रखो संशय

नमोकार महामंत्र की जय

 

सब में सबसे प्यारा है

प्राणों से भी प्यारा है

शाश्वत अविनाशी अव्यय

महामंत्र नमोकार की जय

 

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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