श्रावक को जीवन में विनयशील होना आवश्यक है। स्वस्तिभूषण माताजी
जयपुर
— भारत गौरव, परम विदूषी, लेखिका, स्वस्तिधाम प्रणेत्री, गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी, क्षुल्लिका अर्हतमति, क्षुल्लिका संस्कृति भूषण माताजी संघ का शुक्रवार को प्रातः मालवीय नगर माॅडल टाउन के विनोबा विहार में भव्य मंगल प्रवेश हुआ ।
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इस मौके पर आस पास का वातावरण जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
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गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी प्रवास समिति जयपुर के महामंत्री विनोद जैन ‘कोटखावदा’ ने बताया कि माताजी ससंघ का शुक्रवार को प्रातः 5.30 बजे सेठी कालोनी स्थित दिगम्बर जैन मंदिर से मंगल विहार हुआ । माताजी के शांति पथ पहुचने पर दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी के कोषाध्यक्ष एवं रत्न व्यवसायी विवेक काला एवं परिवार जनों ने अपने आवास पर माताजी के पाद पक्षालन व मंगल आरती की। तत्पश्चात माताजी ससंघ का कारवां
झालाना बाईपास, अपेक्स सर्किल होते हुए बालाजी चौराहा पहुचा। जहां से बैण्ड बाजों के साथ विशाल जुलूस के रूप में विनोबा विहार के प्लाट नम्बर सी-278 में प्रातः 8 बजे भव्य मंगल प्रवेश हुआ जहां शिरोमणि संरक्षक कैलाश चन्द, माणक चन्द, रमेश ठोलिया परिवार एवं प्रवास समिति के सदस्यों ने भव्य अगवानी की ।
पाद पक्षालन व मंगल आरती के बाद धर्म सभा का आयोजन किया गया । धर्म सभा में दीप प्रज्जवलन राजस्थान जैन सभा के अध्यक्ष सुभाष चन्द जैन, कमल बाबू जैन, शिखर चन्द कासलीवाल, कुशल ठोलिया, दीनदयाल पाटनी, कैलाश चन्द ठोलिया आदि ने किया।
माताजी ने मंगल प्रवचन में धर्म की व्याख्या बताते हुए कहा कि धर्म दो तरह का होता है। गृहस्थ धर्म एवं मुनि धर्म । जहां त्याग, संयम, तप, साधना का महत्व है वो मुनि धर्म है। जहां इन सबके साथ सांसारिक क्रियाएँ होती है वो गृहस्थ धर्म है। श्रावक को जीवन में विनयशील होना आवश्यक है। विनयवान गुण ग्राही होता है। धर्म से शांति मिलती है। गृहस्थ को षट् आवश्यक कर्म का पालन जरुरी है। संचालन अनुष्ठानाचार्य कपिल भैय्या इन्दौर ने किया । इस मौके पर प्रवास समिति के माणक ठोलिया, रमेश ठोलिया,प्रदीप जैन, विनोद जैन ‘कोटखावदा’, चेतन जैन निमोडिया, दीपक बोहरा, भारत भूषण जैन, दीपक बिलाला, अजय बडजात्या, दीपिका जैन कोटखावदा, पायल बिलाला, मिनाक्षी ठोलिया, निधि बडजात्या आदि ने उपस्थित अतिथियों व गणमान्य श्रेष्ठीजनो का स्वागत व सम्मान किया ।
प्रवास समिति के महामंत्री विनोद जैन ‘कोटखावदा’ के मुताबिक सायकांल गुरु भक्ति, आनन्द यात्रा एवं महाआरती के आयोजन किये गये ।तत्पश्चात विशाल भक्ति संध्या का आयोजन किया गया । गायक एवं संगीतकार नरेन्द्र जैन एण्ड पार्टी द्वारा आध्यात्मिक एवं जैन भजनों की प्रस्तुतियाँ दी गई ।
शिरोमणि संरक्षक रमेश ठोलिया के मुताबिक शनिवार 07 मई को माताजी ससंघ का प्रातः 7.00 बजे मालवीय नगर के सैक्टर 10 स्थित श्री चन्द्र प्रभू दिगम्बर जैन मंदिर के लिए मंगल विहार होगा।
संकलित अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी


