भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ 8 मई रविवार से
पिड़ावा
पिडावा सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वाधान में श्री पारसनाथ दिगंबर जैन जूना मंदिर नवीन जिनालय खाण्डुपुरा में 1008 आदिनाथ मजिनेंद्र जिन बिम्ब पंचकल्याणक प्राण प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ 8 मई रविवार से मल्हार बाग नयापुरा पिड़ावा में होंने जा रहा है।
समाज प्रवक्ता मुकेश जैन चेलावत ने बताया कि धर्म रूपी तीर्थ का प्रर्वतन करने वाले तीर्थंकर के जीवन की पांच विशिष्ट अवस्थाये ही कल्याणक है

इस अवसर पर पिड़ावा नगरी को अयोध्या नगरी बनाकर पंचकल्याणक समिति के अध्यक्ष पूर्व चेयरमैन राजेंद्र जैन द्वारा रविवार को ध्वजारोहण कर छह दिवसीय पंचकल्याणक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ किया जावेगा।जिसमें परम पूज्य 108 श्री भूतबलि सागर महाराज ससंध का पावन सानिध्य व प्रतिष्ठाचार्य पंडित प्रखर राजेश राज भोपाल व बा. ब.मजुला दीदी के निर्देशन में सभी क्रियाएं धार्मिक विधि-विधान से पूरी की जावेगी। उसके बाद सोमवार को गर्भ कल्याण के उत्तरार्ध की क्रियाएं की जावेगी।नित्य,अभिषेक, शांतिधारा और गर्भ कल्याणक पूजन मुनि श्री के प्रवचन व दोपहर में माता की गोद भराई की जाएगी।

पंचकल्याणक महोत्सव के तीसरे दिन मुख्य पंडाल में सुबह की बेला मे भगवान का अभिषेक शांतिधारा एवं नित्य पूजन के बाद बालक आदि कुमार के जन्म की घोषणा की जावेगी। भगवान आदिनाथ के जन्म उत्सव पर पूरा पांडाल भगवान के जयकारे से गूंज उठेगा। कई तरह के वाधयंत्रो को बजा कर भगवान के जन्म उत्सव की खुशियां मनाई जावेगी। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के चौथे दिन तप कल्याणक, नीलांजना का नृत्य, भरत- बाहुबली का राजतिलक, दीक्षा,वन प्रस्थान, वैराग्य की ओर की क्रियायें की जावेगी। गुरुवार को ज्ञान कल्याणक महोत्सव के तहत महामुनि आदि कुमार सागर मुनिराज की आहार चर्या,राजा श्रेयांस,राजा सोम के राज महल में आलोकित दृश्य का प्रस्तुतीकरण ,दोपहर में मंगलाष्टक, दिगबंधन, रक्षा मंत्र,शान्ति मंत्र, ज्ञान कल्याणक की आंतरिक क्रियाए की जावेगी। एवम श्रीजी स्थापना, मंत्रापराधना, अधिवासना तिलक दान ,मुखोद्वादन,प्राण- प्रतिष्ठा,सूर्यमंत्र, चंद्रकला, केवल ज्ञानोत्पति,समवशरण रचना, मुनि द्वारा दिव्य देषना, ज्ञान कल्याणक पूजन व जिनबिंब की स्थापना की जावेगी। शुक्रवार को मोक्ष कल्याणक के तहत नवप्रभात की नई किरण के साथ भगवान आदिनाथ को कैलाश पर्वत से निवार्ण प्राप्ति,मोक्ष गमन,अग्नि कुमार देवों का आगमन ,नख-केश विसर्जन, मुनि का प्रवचन, सिद्व पूजन, मोक्ष कल्याणक पूजन, विश्व शांति महायज्ञ ,छत्र ,चंवर, भामण्डल,स्थापन, जिन बिम्ब स्थापना,कलशारोहण ,ध्वजारोहण व शाम को नवीन जिनालय में आरती के साथ पंचकल्याणक महोत्सव का समापन हौगा ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
