एक बार भक्ति भाव से शांति विधान करने से दस उपवास का फल मिलता है आर्यिका विज्ञाश्री

धर्म

परम पूज्य भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर नसियां टोंक में बढ़ा रही है धर्म की प्रभावना*

एक बार भक्ति भाव से शांति विधान करने से दस उपवास का फल मिलता है आर्यिका विज्ञाश्री

टोंक

 भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी का ससंघ धर्मनगरी टोंक में विराजमान है |जैन समाज के मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि पूज्य गुरु मां के पावन सानिध्य में श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर नसियां में श्री शांतिनाथ विधान सानन्द संपन्न हुआ, कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को मंगलमय मय प्रवचन में संबोधन देते हुए कहा की – अपन जब भोजन करते हैं तब उसमे जीरा, हल्दी, मिर्ची मसाले सब कुछ दिखाई देता है पर नमक नही दिखता है फिर भी खाने को स्वादिष्ट बनाने काम नहीं करता है वैसे ही अपने जीवन में आस्था ही रास्ता दिखाती है सम्यक आस्था सम्यक रास्ता दिखाती है अगर अपने जीवन में सारे गुण हो श्रद्धा ना हो तो जीवन जीने में स्वाद नहीं आयेगा इसलिए हर प्राणी को गलत पे नही असली पदार्थ पर ही श्रद्धान करना चाहिए , इसी शांति विधान से एक दरिद्र बालक ने अपनी दरिद्रता दूर की थी|

एक बार भाव सहित के द्वारा शांति विधान करने से 10 उपवास का फल मिलता है संसार ताप को शांत करने के लिए शांतिविधान किया जाता है| इसीलिए जन्म में मरण या किसी भी खुशी में अपना शान्ति विधान करते हैं समाज के प्रवक्ता पवन कंटान ने बताया की इससे पूर्व प्रात काल की बेला में अभिषेक, शांतिधारा का आयोजन गुरुमां के सानिध्य में किया गया इस मौके पर समाज के महेशचंद छामुनिया , डॉक्टर चेतन जैन, धर्मेंद्र जैन, श्याम लाल जैन वीरेंद्र संघी,आदि समाज के लोग उपस्थित थे पूज्य गुरु मां का रविवार शाम 5 बजे सोनवा गांव की तरफ मंगल विहार हुआ।

*राजाबाबू गोधा जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजस्थान*

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