उपाध्याय विकसंत सागर महाराज संघ सानिध्य में महावीर भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया
पिड़ावा:
-सकल सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वाधान में भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याण महोत्सव बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। जैन समाज प्रवक्ता मुकेश जैन चेलावत ने बताया कि 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का जन्म चेत्र सुदी तेरस के दिन हुआ था सत्य ,अहिंसा और जीवों और जीने दो का संदेश देने वाले भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याण महोत्सव पिड़ावा नगर में परम पूज्य उपाध्याय 108 श्री विकसंत सागर महाराज व 14पिच्छिका धारी मुनिराजो व आर्यिका संघ के सानिध्य में बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया इस अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किये गये।
प्रातःकाल ब्रह्मानंद सागर पाठशाला के बच्चों व नगर के सभी मन्दिरो के पाठशालाओं के बच्चों के द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई प्रभात फेरी के बाद बच्चों को मुकेश संचोरा परिवार की और से प्रभावना वितरित की गई उसके बाद श्री सांवलिया पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र बड़ा मंदिर में भगवान महावीर का अभिषेक शान्ति धारा का सौभाग्य विनोद जैन वकील के द्वारा प्राप्त किया गया नित्य नियम की पूजन के पश्चात महावीर भगवान को रजत रथ में विराजमान किया गया भगवान को रजत रथ में विराजमान करने का सोभाग्य नरेश बानोर व रथ के सारथी का सोभाग्य सचिन जैन/राजेन्द्र सेक्रेटरी व दोनों तरफ से चंवर के लिए सुरेश जैन अध्यापक, सुजान सिंह जैन को प्राप्त हुआ है।

उसके बाद बड़े मन्दिर से शोभायात्रा बेण्ड़ बाजों व ढ़ोल के साथ रजत रथ में निकाली गई जो कि पिपली चौक, शहर मौहल्ला, सेठान मौहल्ला,खांण्डुपुरा, नयापुरा होते हुवे मांगलिक भवन पहुंची शोभायात्रा में मनीष शास्त्री सन्मति शास्त्री, आशीष जैन, मुकेश चेलावत,अक्षु,मिन्टु,वन्दन, हितेश आदि के द्वारा भक्ति करवाईं गई। जिसमें श्रावकों ने झुम झुमकर भक्ति करते हुवे गा रहे थे “अरे आनन्द आया रे, महावीर जन्म कल्याण में, शोभायात्रा में श्रावक सफेद वस्त्र में व श्राविकाएं मण्डल की व केसरिया साड़ी पहन कर नंगेपेर भक्ति करते हुवे चल रहे थे।

शोभायात्रा मांगलिक भवन में पहुंचने के बाद विकसंत सागर महाराज के प्रवचन हुवे जिसमें उन्होंने महावीर भगवान के बारे में बताया और कहा कि आप भी उनके द्वारा बताये गये सिद्धांतो पर चलकर अपने जीवन को मोक्ष मार्ग की और अग्रसर करें और उन्होंने बताया कि पिड़ावा की भक्ति के बारे में बहुत सुना था और उनकी गुरूओ के प्रति भक्ति आज देख ली है मंगलमय आशीर्वाद के बाद महावीर भगवान पर अभिषेक किया गया उसके बाद सकल दिगम्बर जैन समाज व बाहर से पधारे अतिथियों का वात्सल्य भोज किया गया।



