आदमी को प्रयास से नहीं, परिणाम से मतलब प्रसन्न सागर महाराज कन्नौज औरंगाबाद
राजकीय अतिथि आचार्य 108 प्रसन्न सागर महाराज का शहर में मंगल प्रवेश हो गया। बड़ा चौराहा स्थित गेस्ट हाउस से बैंड बाजों के साथ महाराज ने जैन समाज के लोगों के साथ पदयात्रा की। जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई। जैन स्ट्रीट छिपट्टी मोहल्ला पहुंचने पर लोगों ने उनकी अगवानी की।
।। यहां प्रवचन में उन्होंने कहा कि आज के आदमी को प्रयास से नहीं, परिणाम से मतलब है। विडंबना यह है कि हमारे हाथ प्रयास है न कि परिणाम।


उन्होंने कहा कि स्वयं से अच्छा कौन हमारा भविष्य जान सकता और बता सकता है, इसलिए स्वयं अपने भविष्य वक्ता बने। अपने मन और सोच का वास्तु सकारात्मक रखें। अपनी आदतों के अनुसार चलने में इतनी गलतियां नहीं होती जितनी दुनिया का ख्याल रखकर चलने में होती हैं।
महाराज श्री ने कहा दीक्षा या सन्यास सिर्फ वेश परिवर्तन का नाम नहीं है बल्कि यह तो भाव परिवर्तन का पुरुषार्थ, आत्म ज्योति के दीप के दिपित होने का पावन पुनीत अवसर, पशुता के भावों के क्षपण का उपक्रम, परिणामों का परिवर्तन और दीक्षित परिणामों सा सदैव सुमिरन का सर्वेत्तम प्रसंग है।

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इस दौरान अमित जैन चिंटू, तुषार जैन, मुन्ना जैन, अंकित जैन, अनुज जैन, पूजा जैन, अनुज जैन, प्रेक्षा जैन, आकांक्षा जैना, धन्य जैन, सुव्रता जैन, मोक्ष जैन, सम्राट जैन आदि मौजूद रहे।
जीवन खुशहाल बनाने के दिए मंत्र
1- सुबह उठते ही मोबाइल का नोटिफिकेशन देखना छोड़ दें।
2- सुबह एक घंटा किसी महापुरुष की जीवन गाथा पढ़ें।
3- हर दिन सोने से पहले आज की समीक्षा और कल की प्रतीक्षा करें।
4- रात में सोने के एक घंटे पहले मोबाइल का नेट बंद कर दें।
5- रिश्तेदारों से न अधिक उम्मीद और न ही ज्यादा भरोसा करें।
6 चाय, नाश्ता व भोजन के समय मोबाइल को दूर रख दें।
7- देवालय व शौचालय के समय मोबाइल साथ न रखें।
8- रोज का लक्ष्य तय करें कि आज क्या करना है और क्या नहीं।
9- जब मन अशांत हो तो 15 मिनट किसी महापुरुष की किताब पढ़ें।
10- डाक्टर, वकील, ज्योतिष व वास्तु शास्त्रीय के पास जाने से परहेज करे।
11- स्वयं अपने डाक्टर बने और अपना निर्णय खुद लें। नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
