आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज के समाधी दिवस पर गृहमंत्री द्वारा विमोचित सिक्के को आप भी करवा सकते है बुकिंग

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आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज के समाधी दिवस पर गृहमंत्री द्वारा विमोचित सिक्के को आप भी करवा सकते है बुकिंग

डोंगरगढ़ 
6 FEB2025 को आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज के समाधि दिवस पर भारत सरकार के गृहमंत्री अमित शाह द्वारा 100 रूपए के भारतीय सिक्के का विमोचन किया था जिसकी बुकिंग शुरू हो चुकी है यह सिक्का आपका हो सकता है जिसकी राशि 4100 रूपए रखी की गई है अधिक जानकारी के लिए आप निम्न नंबर पर सम्पर्क कर सकते है श्री विनोद बडजात्या 9425252525 मनीष जैन 9425531401 समाधि स्मारक कमेटी चन्द्रगिरी डोंगरगढ़ आप इस खाते मे अपनी राशि जमा कर सकते है SHRI DJCTKT VIDHYASAGAR SAMADHI STHALI DG BANKNAME HDFC BANK AC NO 99911008108105 IFSC HDFC0000919 RAJNANDGAON

 

केसा है सिक्के का स्वरूप

संत शिरोमणि दिगम्बर जैन आचार्य विद्यासागर महा मुनिराज के प्रथम समाधि दिवस पर केंद्रीय सरकार के प्राधिकार के अधीन जारी करने के लिए टकसाल में ₹100 मूल्य वर्ग का सिक्का ढाला गया है इस संबंध में “भारत का राजपत्र” में शुक्रवार जनवरी 31, 2025 को वित्त मंत्रालय द्वारा गजट नोटिफिकेशन जारी किया था। राजपत्र की जानकारी अनुसार- सिक्के का आकार वृताकार 44 मिली मीटर है इसमें चतुर्थक मिश्र धातु का उपयोग किया गया है जिसमें चांदी 50%, तांबा 40%, निकिल 5%, जस्ता 5% है *सिक्के के अग्रभाग में -मध्य में अशोक स्तंभ का चिन्ह स्तंभ शीर्ष होगा जिसके नीचे “सत्यमेव जयते” लेख उत्कीर्णित होगा उसकी बांई परिधि पर देवनागरी लिपि में “भारत” शब्द और दाएं परिधि पर अंग्रेजी में “INDIA” शब्द लिखा है।

 

 

सिंह स्तंभ शीर्ष के नीचे रुपए का प्रतीक चिन्ह ₹ और अंतरराष्ट्रीय अंकों में अंकित मूल्य 100 अंकित है।

सिक्के के पृष्ठ भाग में
संत शिरोमणि दिगंबर जैनाचार्य विद्यासागर महा मुनिराज का चित्र ही । चित्र की बाई तरफ कमंडल (भारत की परंपरागत जल पात्र) और दाएं तरफ “पिच्छी” का चित्र है। सिक्के की ऊपरी परिधि पर देवनागरी लिपि में “संत शिरोमणि दिगम्बर जैनाचार्य विद्यासागर महामुनिराज”* वर्णित होगा। एवम अंग्रेजी में “SANT SHIROMANI DIGAMBAR JAINACHARYA VIDYASAGAR MAHAMUNIRAJ” वर्णित होगा।संत शिरोमणि दिगंबर जैन आचार्य विद्यासागर महा मुनिराज के चित्र के नीचे अंतर्राष्ट्रीय अंकों में वर्ष 1946 – 2024″ लिखा है।
सिक्के का मूल्य वर्ग ₹100 है।सिक्के का मानक वजन 35 ग्राम है।
समाधि दिवस ग्रहमंत्री श्री अमितशाह ने कहा था राष्ट्र को समर्पित था विद्यासागरजी के जीवन का हर क्षण अमित शाह

 


चंद्रगिरी तीर्थ डोंगरगढ़ मे जब आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज का समाधि दिवस मनाया गया था दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र चन्द्रगिरि डोंगरगढ़ (राजनांदगाँव) छत्तीसगढ़ में छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री श्रीविष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, राजनांदगाँव के सांसद श्री संतोष पाण्डेय,राज्यसभा सदस्य श्री नवीन जैन एवं विधायक हर्षिता स्वामी बघेल आदि की उपस्थिति में आचार्य विद्यासागर प्रथमसमाधि स्मृति महोत्सव का आयोजन हुआ मुनि संघ आर्यिका संघ, जैन समाज के प्रमुख श्रेष्ठियों तथा विशाल
जनमेदिनी के मध्य 6 फरवरी, 2025, गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में भारत के गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमितशाह ने सौ रुपये मूल्य वाला आचार्य विद्यासागर स्मारक सिक्का का लोकार्पण किया। साथ ही भारतीय डाक विभाग द्वाराजारी 5 रुपया मूल्य वाला डाक लिफाफा व ‘समाधि संबोधन मे कहा था श्री विद्यासागर जी महाराज, जो युग पुरुष ही नहीं ईश्वरतुल्य महापुरुष थे, उनके कार्यों को कार्यांजली देने का दिन है।मेरा परम सौभाग्य रहा जो मैंने सन्तशिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी का पाँच बार दर्शन का अवसर पाया। तब
उनसे विभिन्न विषयों पर काफी चर्चायें हुईं। पहली बार जब उनसे मैं मिला था तो उनके चिंतन में धर्म, समाज, संस्थानहीं बल्कि देश की भाषा और संस्कृति की झलक मिली थी। उनका विचार था कि देश की सभी भाषाओं का सम्मानहोना चाहिए। उन्होंने नए विचार और नए युग का प्रवर्तन कर हमें सही राह दिखाई।लगभग 20 मिनट के उद्बोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी ने देश के यशस्वीप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को ‘भारत को इंडिया नहीं, भारत’ कहने पर जोर दिया था। उसी कारण प्रधानमंत्री जी नेउसे स्वीकारता दी थी और जब जी-20 समिट का निमंत्रण विश्व भर के प्रमुख राजनेताओं को भेजा गया तो उस पर ‘प्राईम मिनिस्टर ऑफ भारत’ नाम लिखा था। यह प्रधानमंत्री मोदी जी ने विद्यासागर जी के विचारों को जमीन परउतारने का, मूर्त रूप देने का ही कार्य किया था, जिसे देख कर सारा विश्व अचंभित हो गया था । आचार्यश्री के प्रतिमोदी जी के मन में कितना गाढ़ श्रद्धाभाव था उसे भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में 18 फरवरी, 2024 केदिन आचार्य विद्यासागर जी को विनयांजलि समर्पित करते हुए उनके द्वारा व्यक्त किये जा रहे उद्गार के समय पर मैंने
मोदी जी के चेहरे से पढ़े / जाने थे। आचार्य श्री विद्यासागर जी के लाखों-करोड़ों अनुयाई एवं भक्तों में से मैं भी एकभक्त हूँ और आज मै अपने आपको सौभाग्यशाली मानता हूँ कि एक वर्ष बाद आयोजित स्मृति महोत्सव में उनकोश्रद्धांजलि देने यहाँ उपस्थित हुआ हूँ ।महोत्सव के अध्यक्ष मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा था कि पूज्य आचार्य विद्यासागर जी महाराज की
भौतिक देह भले ही हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनके उपदेश हमें प्रकाश – स्तंभ की तरह युगों-युगों तक हमेशा सन्मार्गपर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे।

वे राष्ट्रसन्त थे और स्वदेशी के प्रति उनका गहरा अनुराग था । वे हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों को कभी नहीं छोड़ने की प्रेरणा देते थे। इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य श्री नवीन जैन, आगरा ने भी अपनी प्रणति निवेदित की थी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी 9929747312

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