आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का पारसोला नगर से अल्प कालीन हुआ मंगल विहार 24 जनवरी को गामड़ी होगा मंगल प्रवेश
पारसोला। प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज चातुर्मास कलश स्थापना जुलाई 2024 से पारसोला विराजित हैं प्रतिदिन विभिन्न नगरों से नगर पधारने हेतु श्रीफल भेट कर निवेदन किया जा रहा है । ब्रह्मचारी गज्जू भैया एवं राजेश पंचोलिया अनुसार इसी कड़ी में गामड़ी नगर गौरव संघस्थ आर्यिका श्री शीतलमति जी के नगर के लिए आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का संघ के साधु सहित 23 जनवरी 2025 दोपहर को अल्प कालीन प्रवास हेतु मंगल विहार किया । आज 23 जनवरी को 6 किलोमीटर विहार कर रात्रि विश्राम आचार्य संघ का राजकीय भवन भरकुंडी में रात्रि विश्राम हुआ।दिनांक 24 जनवरी 2025 को 5.5 किलोमीटर विहार कर आचार्य संघ के आहार चर्या आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर गामड़ी में होगी। गामड़ी के पश्चात आचार्य श्री पुनः पारसोला पधारेंगे।आचार्य श्री के शिष्य मुनि श्री प्रभव सागर जी महाराज ने आज के केश लोचन किए।जयंतीलाल कोठारी ऋषभ पचोरी तथा संपत सेठ ने बताया कि प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज के आचार्य पद प्रतिष्ठापना शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सानिध्य में निकट अवधि में पारसोला दिगंबर हूंमड समाज द्वारा विभिन्न दानदाताओं के आर्थिक सहयोग से निर्मित प्रथमाचार्य श्री शांति सागर उद्यान का लोकार्पण होगा। जिसमें आचार्य श्री शांति सागर जी की प्रतिमा भी आचार्य संघ सानिध्य में स्थापित की जावेगी नवनिर्मित उद्यान में दो मंजिला भवन निर्मित कराया गया है जिसमें आधुनिक सर्व सुविधा युक्त तल मंजिल पर बडा हॉल तथा प्रथम मंजिल पर कमरे बनाए गए हैं।राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
