कोसिंनोक जैन की कलम से
*श्रद्धांजलि सभा में पुष्प अर्पित करने से होती है जीव हत्या परंतु खुद माला पहनने पर नहीं होती*
आजकल नया ट्रेंड प्रारंभ हुआ है आज कल उठावना या श्रद्धांजलि सभा मे दिवंगत आत्मा की फोटो के आगे पुष्प अर्पित नहीं करते पूछे जाने पर बताया जाता है कि पुष्प से जीव हत्या होती है पर एक बात का जवाब देवें जब खुद का जन्मदिवस या शादी की सालगिरह होती है और आपके सगे संबंधी इष्ट मित्र आप को माला पहनाने आते हैं उस वक्त आप यह क्यों नहीं कहते कि इस माला के पुष्प से जीव हत्या होती है परंतु जब बुजुर्गों के श्रद्धांजलि सभा में पुष्प अर्पित होते हैं तो उपदेश देने वाले पैदा हो जाते हैं ।
कायदे से किसी उठावने या श्रद्धांजलि सभा में अगर आप पुष्प अर्पित करते हैं तो वह उस दिवंगत आत्मा के लिए हाथ जोड़कर अंतिम श्रद्धांजलि होती है परंतु अगर आप पुष्प नही चढ़ा रहे तो फिर आप उस दिवंगत आत्मा की तस्वीर के आगे हाथ कैसे जोड़ेंगे ?श्रद्धांजलि कैसे अर्पित करेंगे? नमन कैसे करेंगे ?और परिवार को लोगों को कैसे आप उस दुख की घड़ी में खड़ा होने के लिए बताएंगे?
अगर कायदे कानून लगाने हैं तो सब जगह लगाएं दिवंगत आत्मा के प्रति पूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करें।।
कोसिनोक जैन
अजमेर
9828053399
