चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने आचार्य श्री सुनील सागर महाराज को दिया आहार हमारा सबसे बड़ा शत्रु और संकट मोह, इसे मिटाने पर ही मोक्ष आचार्य श्री सुनील सागर महाराज
चित्तौड़गढ़
परम पूज्य आचार्य श्री सुनील सागर महाराज चित्तौड़गढ़ में विराजमान है पूज्य गुरुदेव की तप साधना अपने आप में अनुपम है। गुरुदेव के प्रवास के दौरान एवं मंगल विहार के दौरान चित्तौड़गढ़ के सांसद श्रीमान सीपी जोशी सम्मिलित रहे और उन्होंने आचार्य श्री के साथ 3 किलोमीटर का पैदल बिहार किया यही नहीं उन्होंने गुरुदेव को मंगल आहार भी दिया
आपको बता दें माननीय सांसद महोदय का अनेक वर्षो से रात्रि भोजन का त्याग है एवं किसी भी तरह का कोई भी व्यसन नही करते है जमीकंद भी प्रयोग मे नही लेते है। यह सचमुच यह बताता है कि जैन संतों की साधना सचमुच साधारण नहीं है।





शुक्रवार की प्रातः बेला में आचार्य श्री सुनील सागर महाराज ने कहा कि लोगों को अपना आचार विचार दोनों सुधारने चाहिए समस्या हमेशा रही है और उसका समाधान भी रहा है। आज सबसे बड़ा संकट मोह है। यही आपका सबसे बड़ा शत्रु है मोह मिटाने पर ही मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है।
आचार्य श्री ने कहा कि पत्थर चोट से टूट गया तो वह कंकर बन गया। जो पत्थर चोट सह गया तो तीर्थंकर बन गया। इच्छाएं तो अतृप्त रहती है। उन्हें शांत और सीमित करने की जरूरत है। मोह की चोट पड़ती है और हम टूट जाते हैं। संसार का चक्कर मिटाना है तो मोह संकट मिटाना होगा। इच्छाएं कामनाएं पूरी हो जाएगी। लेकिन संसार का चक्कर खत्म नहीं होगा। चित्त को जैसा बनाओगे, चित्र भी वैसा ही बनेगा। जैसा चित्र बनेगा वैसा चारित्र बन जाएगा। चित्त को भगवान में लगाओ, दुख का कारण अज्ञान है। जीवन में शांति व सुकुन होना चाहिए। समय का पूरा-पूरा सदुपयोग करना चाहिए।
आचार्य श्री ने कहा कि भगवान महावीर ने जीव मात्र की रक्षा की बात कही है। गर्भ का पतन कराना सबसे खतरनाक काम है। गर्भ मां के लिए एक गर्व की बात है। हमें उस गर्व और गर्भ दोनों की रक्षा करनी चाहिए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
