गृहस्थ जीवन को छोड़कर वैराग्य पद की ओर अग्रसर चार दीक्षार्थी भैया की हुई गोद भराई दो युवा अंकुर भैया एवं मयंक भैया ने आईटी कंपनी की नौकरी छोड़ संयम का मार्ग अपनाया
जयपुर
गृहस्थ जीवन को छोड़कर वैराग्य पद की ओर अग्रसर होते हुए चार युवा जैनेश्वरी दीक्षा लेने जा रहे हैं।
रोचक की बात यह है कि इसमें से दो युवा ऐसे है जिन्होंने संसार को नश्वर मानते हुए एवं आईटी कंपनी में उच्च पद पर नौकरी
होने के बावजूद उसे ठुकरा दिया और वैराग्य पद को अपना लक्ष्य माना जो अपने आप में यह बताता है कि जीवन का अंतिम लक्ष्य मोक्ष की प्राप्ति वह भी जैनेश्वरी दीक्षा लेकर। नागौर निवासी 32 साल के अंकुर भैया महाराष्ट्र के निवासी हैं। एवं 25 वर्षीय मयंक साधु संतों के समीप रहकर साधना संयम तप का महत्व सीखा है।
जबकि दो वृद्ध है वह भी दीक्षा लेने जा रहे हैं दीक्षार्थियों का सम्मान एवं गोद भराई मुनि संघ व्यवस्था समिति बापू नगर की ओर से भट्ठारक जी की नसिया में की गई एवं उनकी बिंदोरी भी निकली गई। मुनि श्री 108 समत्व सागर महाराज एवम शील सागर महाराज के निर्देशन में यह आयोजन किया गया।







आयोजन के क्रम में सर्वप्रथम 32 वर्षीय ब्रह्मचारी अंकुर भैया एवं 25 वर्षीय मयंक भैया की गोद भराई की गई।साथ ही बाद में दोनों बुजुर्ग की गोद भराई की गई। एवं दो दीक्षार्थी गणेशलाल जैन, यशवंत जैन समेत इन चारों कीबिंदोरी निकाली गई।
आपको बता दे इन चारों दीक्षार्थियों की दीक्षा दीपावली उपरांत नांदणी में आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज के सानिध्य में होगी। आयोजन के क्रम में समस्त दिगंबर जैन समाज की संस्थाओं के पदाधिकारी एवं महिला मंडल ने वैराग्य मार्ग पर बड़े
दीक्षार्थीयो की भव्यता के साथ बिंदोरी निकाली।
जानकारी देते हुए दीक्षार्थी अंकुर भैया बताते हैं कि वह 8 साल से आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के संघ में रहकर ब्रह्मचर्य व्रत का पालन कर रहे हैं। और उन्हीं के साथ रहकर संयम की धारणा को समझा है। और आचार्य श्री के सन्निधि में रहकर धार्मिक ग्रंथो का अध्ययन किया है और गुरुदेव ने इन सब के बाद दीक्षा की अनुमति प्रदान की है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
