आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज सानिध्य में अवध वाटिका में पौधारोपण कार्यक्रम हुआ आयोजित प्रकृति परमात्मा की कृति है इसीलिए इसके साथ छेड़छाड़ करने पर प्रकृति आपको नहीं छोड़ेगी प्रज्ञा सागर महाराज
झालरापाटन
झालरापाटन। नगरपालिका के तत्वाधान में राजस्थान पत्रिका के हरियालो राजस्थान अभियान के तहत सकल दिगंबर जैन समाज एवं नगर के विभिन्न संगठनों के सहयोग से शुक्रवार को , तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री 108 प्रज्ञासागर महाराज के सानिध्य में अवध वाटिका में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
,इस अवसर पर तपोभूमि प्रणेताआचार्य श्री 108 प्रज्ञासागर महाराज ने कहा कि प्रकृति परमात्मा की कृति है इसलिए इसके साथ छेड़छाड़ करने पर प्रकृति आपको नहीं छोड़ेगी। वक्त है प्रवृत्ति पर संभल जाएं और प्रकृति को खुश करने का प्रयास करें।

जानकारी देते हुए श्री नलिन विनायका ने बताया कि अवध वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में आचार्य श्री ने कहा कि जिस प्रकार एक चित्रकार चित्र बनाता है, मूर्तिकार मूर्ति बनाता है, कुंभकार घड़ा बनाता हैं। जिसे बनाने में वह अपनी ऊर्जा का शत प्रतिशत उपयोग करता है और वह चाहता है कि मेरे द्वारा निर्मित वस्तु सर्वश्रेष्ठ बने। इसी प्रकार एक बच्चा चित्र बनाता है जिसे देखकर सभी उसकी सराहना करते हैं जिससे उसका हौसला बढ़ता है। इसी प्रकार प्रकृति परमात्मा की बनाई हुई कृति है। उसके साथ छेड़छाड़ किस प्रकार की जा रही है, जबकि प्रकृति की सारी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलती है। उन्होंने कहा कि प्रकृति की व्यवस्थाएं सारी सृष्टि की रचना है। पुराने समय में पूरी सृष्टि पेड़ पौधों से भरपूर थी।

जिसे हिंदू धर्म सृष्टि का कर्ता मानता है और जैन धर्म का मानना है कि सृष्टि खुद ही संचालित होती है। आचार्य ने कहा कि एक छोटे से परिवार को संचालित करने में कितने मानसिक दबाव झेलने पड़ते हैं तो परमात्मा द्वारा बनाई गई इस सृष्टि को संभालना कितना मुश्किल काम होगा।

सेवा करने मात्र से फल मिलता है। एक पौधा लगाकर उसे संरक्षित कर पेड़ बनाने तक ही हमें प्रयास करने की आवश्यकता रहती है इसके बाद तो यह पेड़ बिना किसी के भरोसे के फल देना शुरू कर देता है जिसका लाभ सभी को मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ की जा रही छेड़छाड़ के कारण वह नाराज है और उसके दुष्परिणाम हमको देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि आज 19 जुलाई हो गई है, लेकिन कल कल पानी बहने के बजाय हमारे शरीर से अभी तक पसीना बह रहा है। उन्होंने कहा कि प्रकृति की ओर, धरती की ओर झुक कर एक पौधा लगा दे तो हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा लेकिन धरती हरी भरी हो जाएगी जो हम सबको फायदा पहुंचाएगी। विकास के नाम पर अंधाधुंध पेड़ काटे जा रहे हैं, जबकि काटे जाने वाले पेड़ की संख्या के अनुपात में इससे 10 गुना अधिक पौधे लगाने की आवश्यकता है तभी जाकर समस्या का समाधान होगा। किसी भी व्यक्ति को आवश्यकता महसूस होने पर एक पेड़ हटाने के साथ ही उसे इसकी एवज में 10 पेड़ लगाने का संकल्प लेना चाहिए।

आचार्य श्री ने कहा कि हमारी धरती पर कितने वृक्ष होने चाहिए कि हम जिधर से भी निकले उधर हमारे सिर पर छाए रहे न कि सूर्य की गर्मी का संताप। उन्होंने बताया कि पुराने समय में हर घर के आंगन में पेड़ लगाए जाते थे जिसके नीचे बैठकर पूरे परिवार के लोग सुकून पाते थे, लेकिन आज एक एक इंच जमीन मूल्यवान हो गई है जिससे पेड़ की वक्त खत्म हो गई है और लोग अपने स्वार्थ के लिए पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर रहे हैं, जबकि बाजार में आज ऐसी इंजीनियरिंग आ गई है कि प्रकृति के साथ बिना छेड़छाड़ किए निर्माण कार्य कराए जा सकते हैं। आचार्य ने मौजूद सभी जनों को धरती को हरा भरा रखने का संकल्प दिलाया। राजस्थान पत्रिका के अभियान को सराहा।

आचार्य प्रज्ञा सागर महाराज ने राजस्थान पत्रिका के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी लेखनी, गहरी सोच, चिंतन बहुत ही लाजवाब है। पत्रिका का हरियालो राजस्थान कार्यक्रम पौधारोपण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा इस प्रेरणा से लाखों पौधे लगेंगे जिससे हमारी धरती हरी भरी होगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान पत्रिका हमेशा रचनात्मक कार्यक्रम हाथ में लेती है और इसे पूरे अंजाम तक पहुंचाती है। बिगड़ता पर्यावरण भविष्य के लिए चिंता जनक। आचार्य ने कहा कि पेड़ों की तेजी से कटाई, सड़कों पर लगातार बढ़ते वाहनों का दबाव, एयर कंडीशनर, थर्मल, आधुनिक संसाधन यह सभी पर्यावरण को प्रदूषित करने के कारक है जिनका तेजी से विस्तार हो रहा है और इसके मुकाबले पर्यावरण के लिए अपेक्षित कार्य नहीं हो रहे हैं। इसी चिंता को लेकर उन्होंने अपना जीवन पर्यावरण को समर्पित किया है। उन्होंने संकल्प लिया है कि वह अपने जीवन काल में एक करोड़ पौधे लगवाएंगे। आचार्य ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण से नई दिल्ली का तापमान इस वर्ष 54 डिग्री तक, झालरापाटन का तापमान 50 डिग्री तक पहुंच चुका है और आने वाले समय में यदि यही हालात रहे तो बिगड़ती स्थिति की कल्पना भी नहीं की जा सकती है, इसलिए हम सभी को इस विषय में सोचने व पर्यावरण को शुद्ध बनाने का संकल्प लेने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन। नगरपालिका अध्यक्ष वर्षा मनीष चादवाड, समाजसेवी मनीष चादवाड, डॉक्टर डीके जैन, पूर्व विधायक निर्मल कुमार।

सकलेचा, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष संजय जैन ताऊ, भाजपा वरिष्ठ नेता नरेंद्र डांगी, कपड़ा व्यापार संघ अध्यक्ष योगेश झडिया, मुकेश चेलावत, पोरवाल समाज अध्यक्ष जगदीश गुप्ता, खाद्य एवं तिलहन व्यापार संघ सचिव विजय मूदंडा, भाजपा मंडल अध्यक्ष महेश बटवानी, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सेठी, पार्षद महेश शर्मा, अजय कुशवाहा, अंशु गुप्ता, हुकमचंद प्रजापति, नितेश परमार, श्रीमन नारायण वृदाश्रम समिति के कैलाश चंद यादव, समाजसेवी राजू पारीक, ज्ञानचंद डडडा, रेडीमेड एसोसिएशन अध्यक्ष विनय सालेचा, झालावाड़ नगर परिषद सभापति संजय शुक्ला, कांग्रेस नेता विजय सिंह राठौर, जीवनधर जैन, कमल कासलीवाल, चौरसिया समाज अध्यक्ष राधेश्याम चौरसिया, द्वारकाधीश समिति प्रवक्ता रविराज पाटीदार, ओमप्रकाश काबरा, सत्य प्रकाश माहेश्वरी, तूफान सिंह गुर्जर ने आचार्य का पाद प्रक्षालन किया। संचालन यशोवर्धन बाकलीवाल ने किया। आचार्य के मंत्रोचार के साथ मौजूद सभी जनों ने प्रत्येक गड्ढे में एक-एक पौधा लगाया।
3500 पौधे लगाए।
पौधारोपण कार्यक्रम में 3500 पौधे लगाए गए। जिनमे अवध वाटिका में 800, मेला मैदान में 500 स्मृति वन में 1200 कमल तलाई में 300 करौंदी वाले बालाजी 100 खेड़ापति बालाजी 200 नंदी शाला 200 सुभाष नगर पार्क में 200 पौधे लगाए जाएंगे।
नलिन लुहाड़िया से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
