इच्छा का निरोध ही तप है सुधा सागर महाराज पुणे के मुनि भक्त अतुल काका ने विद्यासागर वृत्ति आहार शाला का किया निरीक्षण एवं की सराहना

धर्म

इच्छा का निरोध ही तप है सुधा सागर महाराज पुणे के मुनि भक्त अतुल काका ने विद्यासागर वृत्ति आहार शाला का किया निरीक्षण एवं की सराहना
दमोह
मनुष्य में जब तक इच्छाओं का जागरण रहेगा तब तक मुक्ति संभव नहीं है,संसारी व्यक्ति अपनी इच्छानुसार जीवन जीना चाहता है जबकि धर्म कहता है इच्छा निरोधा तप इच्छाओं का निरोध करना ही तप है मोक्ष जाने की या मुनि बनने की इच्छा भी बाधक है जब तक मोक्ष जाने की इच्छा है तो मोक्ष नहीं पहुंच सकते जो इच्छा अनुसार जीते हैं उनके लिए मोक्ष के रास्ते बंद हो जाते हैं प्रकृति मोक्ष का मार्ग बंद कर देती है।

 

 

 

, उपरोक्त विचार निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज ने दिगंबर जैन धर्मशाला में अपने प्रातः कालीन मंगल प्रवचनों में अभिव्यक्त किय इस मौके पर कोटा एवं जयपुर से पधारे हुकुम काका के साथ अनेक भक्तगणों ने तथा पुणे से पधारे दानवीर मुनि भक्त अतुल काका के साथ अनेक भक्तगणों ने मुनि श्री को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद ग्रहण किया।

 

मुनि श्री ने अपने मंगल प्रवचनों में आगे कहा कि मुनि दशा वह दशा है जहां शेर भी सामायिक नहीं बिगाड़ सकता, ध्यान भंग नहीं कर सकता। किंतु आज शारीरिक शक्ति हीन होने से एक मच्छर भी परेशान कर देता है।

 

आज के संत तपस्या भी अपनी इच्छा अनुसार करना चाहते हैं

 

 

 

बाहुबली और सुकौशल जैसे मुनियों के उदाहरण हमारे समक्ष जिन्हें शेरनी भी खाती रही किंतु उनका ध्यान भंग नहीं हुआ और उन्होंने मोक्ष प्राप्ति कर ली अपनी इच्छा अनुसार जीवन जीना अय्याशी है, ऐसा व्यक्ति मोक्ष मार्ग में नहीं चल सकता गुरु को पाने के बाद

 

 

इच्छापूर्ति का भाव आ रहा है तो यह निश्चित ही विनाश का कारण है वही मां अच्छी होती है जो अपने बालक की सभी इच्छाओं को पूरा नहीं करती किसी से यदि इच्छा पूर्ति का भाव आ गया तो इसी का नाम दुर्योधन है वह अपनी इच्छापूर्ति अपने बड़ों से भी समझा कर डरा कर धमका करवा लेता था। धृतराष्ट्र में मात्र एक दुर्गुण था वह अपने बेटे की हर इच्छा पूरी करना चाहता था चाहे न्याय से हो अथवा अन्याय से धर्म से अथवा अधर्म से करना पड़े वह सबके लिए तैयार रहता था अपनी इच्छा पूर्ति के लिए महा शक्तियों का लाभ लेना अहितकारी है इच्छा रहित जीवन की साधना ही सर्वश्रेष्ठ है।
वही पुणे के सुप्रसिद्ध श्रावक श्रेष्ष्टि दानवीर मुनि भक्त श्रीमान अतुल काका एवं उनके साथी गणों ने आचार्य विद्यासागर वृती आहार शाला का निरीक्षण किया एवं आहारशाला की हृदय से प्रशंसा की और ऑर्गेनिक फूड के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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