बोराव के सरपंच युवा धर्मनिष्ठ अनुराग जैन ने आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की समाधि स्थल जाकर दर्शन किए आचार्य श्री का चले जाना निश्चित ही एक युग का अंत है अनुराग जैन
बोराव
राजस्थान के ग्राम बोराव के सरपंच अनुराग जैन ने चंद्रगिरी तीर्थ पहुंचकर अपने मित्रों के साथ आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की समाधि भूमि के दर्शन किए। श्री अनुराग जैन धर्मनिष्ट व्यक्तित्व हैं।
उन्होंने गुरुदेव की समाधि भूमि को नमन करते हुए अपने अनुभव को बताया एवं आचार्य श्री के विषय में कहा कि चंद्रगिरि तीर्थ क्षेत्र डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) पहुँच कर दिगम्बर सरोवर के राजहँस , संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर १०८ श्री विद्यासागर जी महायतिराज के समाधी स्थल के दर्शन किए ।।
आचार्य श्री का चले जाना निश्चित ही एक युग का अंत है , आचार्य श्री जी का सम्पूर्ण जीवन जीवदया एवं मानवसेवा के प्रति समर्पित रहा था ।। उनके बहुमूल्य प्रयास जीवनपर्यंत भारत देश की भूमि के लिए प्रेरणादायी रहेंगे !! उन्होंने सदैव भारत को भारत बनाने पर जोर दिया ।।

आचार्य श्री जी ने मंदिर निर्माण , जीवदया हेतु गोशालाये , महिला सशक्तिकरण हेतु चल हथकरघा , साहित्यकार के रूप में अनेक ग्रंथों का लेखन , चिकित्सा पद्धति को विकसित करने हेतु भाग्योदय , शिक्षा प्रणाली हेतु प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ का संचालन एवं आयुर्वेद को बढ़ावा देने हेतु पूर्णायु जैसे अनेक कार्य करते हुए देशहित में अपना योगदान दिया ।।





आचार्य श्री जी ने कहा था कि माटी के माध्यम से मोह के बंधन को तोड़कर मोक्ष महल की यात्रा ही मूकमाटी है , उनका कहना था कि जब तक जीवन में संघर्षों से जूझना एवं सहनशीलता का भाव नही आयेगा तब तक जीत हासिल नही की जा सकती ।।

इस यात्रा के दौरान सभी सदस्यों ने परम पूज्य मुनि श्री 108 विनीत सागर जी महाराज के दर्शन यवतमाल (महाराष्ट्र) में किये तथा निर्यापक श्रमण परम पूज्य मुनि श्री 108 समय सागर जी महाराज के दर्शन एवं आहार दान का सौभाग्य डोंगरगढ़ क्षेत्र पर प्राप्त किया तत्पश्चात निर्यापक श्रमण मुनि श्री प्रसाद सागर जी एवं चन्द्रप्रभ संसंघ के दर्शन पर विहार में शामिल हुये ।।

इस दौरान विद्यासागर युवा संघ बोराव (मेवाड़) के समस्त सदस्य साथ मे उपस्थित रहे ।।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
