300वर्ष प्राचीन आदिनाथ, महावीर, शांतिनाथ पारसनाथ भगवान की प्रतिमाएं तीन दिन बाद प्राप्त दो चोरों को किया गया गिरफ्तार

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300वर्ष प्राचीन आदिनाथ, महावीर, शांतिनाथ पारसनाथ भगवान की प्रतिमाएं तीन दिन बाद प्राप्त दो चोरों को किया गया गिरफ्तार
गंजबासौदा
ग्राम सिरनोटा में स्थित जैन मंदिर में 2 दिसंबर की रात को अष्टधातु से निर्मित 300 वर्ष पुरानी आदिनाथ, महावीर, शांतिनाथ एवं पारसनाथ भगवान की प्रतिमाएं चोर ले गए थे जिन्हें 3 दिन बाद बरामद कर लिया गया।

 

 

 

 

इसी के साथ पुलिस ने मूर्ति चोरी करने वाले दो चोरों को भी गिरफ्तार कर लिया है। चोरी की इस घटना के बाद जैन समाज में काफी आक्रोश दिखाई दिया। इस मंदिर की ग्राम वासियों में एवं जैन समाज के लोगों में काफी मान्यता है। जैन समुदाय चार पीढ़ियों से इस मंदिर में पूजा अर्चना करता आ रहा है।

 

 

 

 

विगत 1 वर्ष पूर्व ही मंदिर का निर्माण किया गया तो ग्राम वासियों ने प्राण प्रतिष्ठा कर प्रतिमाओं को नवीन मंदिर में विराजमान किया। चोरों ने मंदिर का शटर तोड़कर मूर्तियों के साथ साथ एवं चांदी के छत्र दान पेटी में मौजूद नगदी भी चोरी कर ली थी। घटना के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया एफसएल एवं डॉग स्क्वायड द्वारा सबूत जुटाए गए। ग्राम वासियों एवं जैन समाज में इसको लेकर काफी आक्रोश था एवं पुलिस प्रशासन से चोरों को पकड़ने की एवं मूर्तिया वापस लाने की मांग की गई थी।

 

       

कैसे पकड़े गए आरोपी


जांच के दौरान साइबर सेल के द्वारा मोबाइल फोन नंबरों की जांच की गई जो इस रात्रि में सक्रिय थे। जब जांच पड़ताल की गई तो एक आरोपी ग्राम लमानिया निवासी धर्मेंद्र अहिरवार का पाया गया। जब उसकी जांच की गई और तलाशी दी गई तो पता लगा कि 4 दिसंबर को वह आपसी विवाद में घायल हो गया था। उसका उपचार विदिशा अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल में जब पुलिस ने इसके फिंगरप्रिंट्स लिए और घटनास्थल के फिंगरप्रिंट से मिलाया गया तो वह एक ही व्यक्ति के पाए गए। पुलिस ने शक्ति दिखाते हुए जब इससे पूछताछ की तो उसने जैन मंदिर में चोरी करने का अपराध स्वीकार किया। और उसने बताया कि यह चोरी दहलवाड़ा निवासी सुमित शर्मा उर्फ छोटू महाराज के साथ मिलकर की।

चोरों ने चोरी की गई मूर्ति एवं धातुओं की जांच भी कराई

जानकारी देते हुए एसपी समीर यादव ने बताया कि इन चोरों ने मूर्ति और छत्र को बासौदा के स्वर्णकार प्रदीप सोनी को दिखाएं। सोनी ने बताया कि यह मूर्ति अष्टधातु से निर्मित है। जांच पड़ताल कर दोनों ने दो-दो मूर्तियों एवं छत्र आपस में बाट लिए। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने दोनों को अपनी गिरफ्त में लेते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। और मूर्तियों एवं चांदी के छत्र आदि जब्त कर लिए। इसकी कीमत लगभग ₹200000 बताई गई है। इसी के साथ सोनी को भी साक्ष्य छुपाने का आरोपी बनाया गया है।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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