आर्यिका वर्धस्व नंदनी माताजी ससंघ का जम्बूस्वामी तपोस्थली बोलखेड़ा पर हुआ मंगल प्रवेश गुरु की महिमा को शब्दों ने नही बांधा जा सकता:- आर्यिका वर्धस्व नंदनी

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आर्यिका वर्धस्व नंदनी माताजी ससंघ का जम्बूस्वामी तपोस्थली बोलखेड़ा पर हुआ मंगल प्रवेश गुरु की महिमा को शब्दों ने नही बांधा जा सकता:- आर्यिका वर्धस्व नंदनी

बोलखेड़ा
गुरु की महिमा वरनी न जाये गुरु नाम जपों मन वच काय अर्थात गुरु की महिमा का वर्णन शब्दों में बांध कर कदापि नही किया जा सकता है। गुरु नाम का सुमरिन तो मन वचन और काय से हर समय ही करना चाहिए क्योंकि गुरु ही जीवन की दिशा और दशा तय करते हैं।गुरु ही अंधकार से प्रकाश,अवनति से उन्नति,नीचे से ऊपर ले जाने वाले जीवन पथ को आलोकित कर लक्ष्य की ओर ले जाने वाले होते हैं उक्त उद्गार जम्बूस्वामी तपोस्थली पर आर्यिका वर्धस्व नंदनी माताजी ने गुरु शिष्या वंदन अवसर पर व्यक्त किये।

 

 

 

आर्यिका ने कहा कि जम्बूस्वामी तपोस्थली पर पहुँच कर मन को सुकून सा मिलता है,किसी भी प्रदूषण से मुक्त प्राकृतिक छटा से युक्त यह क्षेत्र बड़ा ही मनोरम और साधकों की साधना का उत्तम स्थान तो है ही साथ ही साथ ही इस कठोर तपोस्थली पर आज भी अद्भुत शक्तियां विराजमान है।

तपोस्थली के प्रचार प्रभारी संजय जैन बड़जात्या ने बताया कि दिगम्बर जैन साध्वी आर्यिका वर्धस्व नंदनी माताजी सहित सात आर्यिकाओं का मंगल प्रवेश अलसुबह तिलकपुरी से पद विहार करते हुए तपोस्थली बोलखेड़ा पर हुआ तो वहां पूर्व में विराजमान आचार्य वसुनंदी महाराज से मंगल मिलन हुआ इस अवसर पर समस्त आर्यिका संघ में अपने गुरुवर की त्रय प्रदक्षिणा देकर स्वयं को कृतार्थ किया।

 

 

मंगल प्रवेश पर तपोस्थली की प्रबन्धकारिणी समिति,ग्रीन पार्क दिल्ली समाज व धर्म जागृति संस्थान के पदाधिकारियों ने आर्यिका संघ की भावभीनी आगवानी की। ज्ञात रहे आर्यिका संघ का मंगल विहार वर्षा योग उपरांत ग्रीन पार्क दिल्ली से तपोस्थली बोलखेड़ा के लिए तिजारा, फिरोजपुर झिरका, पहाड़ी से पद विहार करते हुए हुआ।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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