आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का सपना साकार होते देखा जा रहा है जो मील का पत्थर साबित होगा मुनि श्री भावसागर महाराज

धर्म

आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का सपना साकार होते देखा जा रहा है जो मील का पत्थर साबित होगा मुनि श्री भावसागर महाराज
घाटोल
पूज्य मुनिश्री विमल सागर महाराज संघ सानिध्य में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का अवतरण दिवस मनाया जाएगा।

 

 

 

 

प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी पीपलखूंट से अंदेश्वर पारसनाथ तक एक पद यात्रा निकाली जाती है जो शुक्रवार की बेला में घाटोल पहुंची शुक्रवार की बेला में पूज्य मुनि श्री भावसागर महाराज ने आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आचार्य श्री ने 1969 में नमक,मीठा, हरी सब्जी व फल का त्याग कर दिया था। और आगे चलकर मीठे का भी त्याग कर दिया था।

उन्होंने कहा कि आचार्य श्री ने जो चेतन कृतियां बनाई है। उसने त्याग तपस्या साधना की आभा सभी जगह बिखरी है। आचार्य श्री के द्वारा 50000 से अधिक किलोमीटर पैदल यात्रा कर। धर्म की प्रभावना को बुलंदी की ओर अग्रसर किया है।

 

उन्होंने आचार्य श्री की प्रेरणा से चलाए जा रहे हैं कई तरह के प्रकल्पों के विषय में बताया और उन्होंने दिल्ली में अनुशासक नामक संस्था के विषय में बताते हुए कहा कि जिसके अंतर्गत प्रशासनिक प्रशिक्षण दिया जाता है। जबलपुर का जिक्र करते हुए महाराज श्री ने कहा कि जबलपुर में आचार्य श्री की प्रेरणा से ही भारतवर्ष प्रशिक्षण संस्थान चल रहा है। इसके साथ ही यहां पर गरीबों को रोजगार देने के लिए मैत्री संस्था चलाई जा रही है। इतना ही नहीं उन्होंने बेटियों के विषय में भी सोचा है और बेटियों की सुरक्षा के लिए जो अवदान किया है वह भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने बेटीयो की शिक्षा के लिए उनकी शिक्षा के उद्देश्य को लेकर और उन्हें शिक्षा के दृष्टि से बेटियां ऊपर उठे इसको लेकर प्रतिभास्थली का निर्माण कराया है। देश के अनेक राज्यों में यह प्रतिभास्थली बन रही है वह कार्य चल रहा है और बेटियां यहां पढ़कर अपने जीवन को उन्नत बना रही है। प्रतिभा को निखर कर यहां पर संस्कार युक्त शिक्षा भी दी जा रही है और बेटियां संस्कार को पा रही हैं।

 

 

 

 

उन्होंने आचार्य श्री के सपने के विषय में कहा कि आचार्य श्री का सपना है कि बेटे और बेटियों की शिक्षा के लिए अलग-अलग शिक्षा केंद्र हो। उसी को लेकर आज छत्तीसगढ़, रामटेक, मध्य प्रदेश के जबलपुर, उत्तर प्रदेश के ललितपुर, एवं इंदौर आदि में प्रतिभास्थली संचालित है। महाराज श्री ने कहा कि इन प्रतिभास्थली के निर्माण से आचार्य श्री का सपना साकार होते देखा जा सकता है। यह देश के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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