आचार्य श्री काम नंदी महाराज के निर्मम हत्या के प्रकरण पर बोलते हुए आचार्य श्री आर्जव महाराज ने कहा संत और संस्कृति की रक्षा करना सरकार का दायित्व है
अशोकनगर
आचार्य श्री 108 कामनंदी महाराज निर्मम हत्या के प्रकरण पर बोलते हुए आचार्य श्री आर्जव सागर महाराज ने सरकार की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि- संत और संस्कृति की रक्षा करना सरकार का दायित्व है। क्योंकि संत किसी एक धर्म समाज के नहीं होते वे तो अपनी साधना तपस्या से जगत के प्रत्येक जीव के कल्याण की कामना करते हैं। उन्हें साधनों के सुख की कोई चाह नहीं है उपसर्ग हो या अनुकूलताए वे सभी में समता भाव को धारण करते हुए धर्म ध्यान की ओर अग्रसर होते रहते हैं फिर भी कोई किसी भी संत के प्राण ले लेता है तो वह उसे उपसर्ग ही समझते हैं लेकिन सरकार और समाज का दायित्व बनता है कि संतों की सुरक्षा व धर्म ध्यान को बिना किसी बाधा के जारी रहने दें।
उन्होंने कहा कि साधु का किसी से क्या वैर भाव हो सकता है ये सब एकतरफा ईर्ष्या के कारण है ।इसके लिए सरकार को अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए और सभी भारतीय अहिंसक समाजों इस बात सही स्थान पर उठाना चाहिए।

कामनंदी महाराज की हत्या के विरोध में अशोक नगर जैन समाज ने मौन जुलूस निकाला
आचार्य श्री 108 आर्जव सागर महाराज की धर्म सभा संपन्न होने के बाद अशोकनगर दिगंबर जैन समाज ने
महाराज श्री की हत्या के विरोध में गंज मंदिर से काली पट्टी बांध कर एक मौन रैली निकाली जो कर्नाटक में आचार्य श्री काम कुमार नंदी जी की निर्मम हत्या के विरोध में ज्ञापन सौंपने हेतु कलेक्ट्रेट पहुंचीं जहां श्री दिगंबर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र थूबोनजी कमेटी,श्री दिगंबर जैन युवा वर्ग, श्री विमर्श जागृति मंच, जैन मिलन, सेंट्रल जैन मिलन, पारस जैन मिलन, जैन जागृति मंडल, क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन, आदि संस्थाओं ने अपने-अपने ज्ञापन सौंपे सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए साधु की सुरक्षा के लिए सरकार कदम उठाए इसकी मांग पुरजोर तरीके से उठाई। यह ज्ञापन देश के प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी, के नाम सौंपा गया इस ज्ञापन में यह मांग की गई की कर्नाटक के बेलगाम में जैन संत कामकुमार नंदी जी का अपहरण और हत्या के संबंध में कर्नाटक में बेलगाम के निकट हिरेकोड़ी में जैनाचार्य श्री कामकुमार नंदी जी के अपहरण और नृशंश हत्या का समाचार सुनकर सम्पूर्ण जैन समाज स्तब्ध और शोकाकुल है। जैन साधुओं पर हो रहे हमलों और अब हत्या से सम्पूर्ण जैन समाज आक्रोशित है।

पूरा जैन समाज भारतीय जैन मिलन के माध्यम से आपसे निवेदन करता है कि इस घटना से जुड़े सभी दोषियों को शीघ्र सजा दी जाये,जिससे कि इस प्रकार का कुकृत्य करने वालों को सबक मिल सके।
और कहा गया कि अपने पूज्य साधुओं के प्रति इस प्रकार की घटनाओं को जैन समाज बर्दाश्त नहीं कर सकता। हम मांग करते हैँ कि सभी जैन साधु/साध्वियों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाये और ऐसे ठोस प्रबंध किये जाएँ कि भविष्य में इस प्रकार की घटना ना हो।

जैन समाज सदैव से ही राष्ट्र की सेवा,समाज की सेवा में अग्रणी रहा है, और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है, अतः हम हमारे इस अनुरोध पर शीघ्र विचार करने की आशा करते हैँ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी
