विश्व पर्यावरण दिवस पर उदयपुर में वृक्षारोपण आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सानिध्य में ताराचंद मीणा कलेक्टर उदयपुर एवम् आमंत्रित अतिथियों द्वारा किया गया

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विश्व पर्यावरण दिवस पर उदयपुर में वृक्षारोपण आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सानिध्य में ताराचंद मीणा कलेक्टर उदयपुर एवम् आमंत्रित अतिथियों द्वारा किया गया
उदयपुर

विश्व पर्यावरण दिवस पर णमोकार सेवा संस्थान के तत्वाधान में सकल दिगंबर जैन समाज उदयपुर द्वारा प्रथमाचार्य श्री शांति सागर आचार्य शताब्दी महोत्सव उपलक्ष्य में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम सरस डेयरी गमेर बाग से बलीचा मंदिर तक किया गया। इस अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज ने कहा की पर्यावरण
का संरक्षण कर आप अपने जीवन का संरक्षण कर सकते हैं।

 

 

पर्यावरण दिवस पर वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्म सभा को संबोधित कर बताया कि प्राकृतिक जीवन जीने के लिए वृक्षों के संरक्षण का दिन है ।विश्व पर्यावरण दिवस में पृथ्वी जल ,अग्नि ,वायु ,और वनस्पति के संरक्षण का सामूहिक दिवस पर्यावरण दिवस है। वृक्षों के बिना आप सांस नहीं ले सकते पानी के बिना जीवन व्यर्थ है। जैन धर्म ही नहीं सभी धर्मों में पर्यावरण के संरक्षण का उपदेश दिया गया है।

 

 

ब्रह्मचारी गजू भैय्या, राजेश पंचोलिया अनुसार पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री ने आगे बताया पृथ्वी ,जल, अग्नि ,वायु और वनस्पति सभी में जैन धर्म अनुसार ऐकेंद्रीय जीव होते हैं। इनकी रक्षा से आप पुण्य का कार्य कर सकते हैं। पर्यावरण के संरक्षण के अभाव में जीवन कठिन हो जाएगा जीवन को सुरक्षित करने के लिए पर्यावरण का संरक्षण जरूरी है ।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने एक सूत्र बताया कि मनुष्य को लज्जावान होना चाहिए जब आप लज्जावान रहेंगे तो हर कार्य समझदारी और विवेक से करेंगे तब प्रकृति का संरक्षण अपने आप होगा। आचार्य श्री ने बताया कि आप पर्यावरण की रक्षा करते हैं, इनका संतुलन बनाकर रखते हैं तो हम स्वस्थ रहेंगे और हमें हॉस्पिटल जाने की जरूरत भी नहीं होगी प्रकृति का संरक्षण कर आप अपने जीवन को संरक्षित कर सकते हैं।

 

आपको वृक्ष की भाषा समझने की जरूरत है हितेंद्र सागर महाराज
इस अवसर पर मुनिश्री हितेंद्र सागर महाराज ने पर्यावरण दिवस पर बताया कि आपको वृक्ष की भाषा समझने की जरूरत है ।वृक्ष से प्राप्त होने वाली वायु ,प्राणवायु और अमृतवाणी है, यही जिनवाणी है।पर्यावरण दिवस को णमोकार मंत्र णमोकार दिवस बताते हुए अनेक उदाहरण दिए। वनस्पति वृक्ष से भूखे रोटी, कपड़े ,पानी ,घर आपके जीवन यापन की अनेक सामग्री वृक्ष के माध्यम से मिलती है। वृक्ष ही संसार को जीवित रखता है।आचार्य श्री शांति सागर जी भी प्रवचन में वृक्ष का महत्व बता कर संरक्षण का उपदेश देते थे।

 

वृक्ष कटने से धरती एवम् प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है । महायशमति माताजी
इस अवसर पर संघस्थ शिष्या आर्यिका 105श्री महायशमति माताजी ने अपने प्रवचन में बताया कि कर्म का फल सुख और दुख के रूप में हमें प्राप्त होता है वनस्पति एकेंद्रीय जीव है वृक्ष कटने से धरती एवम् प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है ।माताजी ने वृक्ष का महत्व बताते हुए बताया कि हमें वृक्ष का महत्व लाभ और उपयोगिता को समझना होगा वृक्ष से प्राण वायु, शुद्ध हवा ,पानी का संरक्षण होता है।वृक्ष जीवन का आधार , धरती का श्रंगार है इससे मूल्यवान औषधि ,शीतल छांव ,फल एवम् अन्य उपयोगी सामग्री प्राप्त होती हैं।

 

 

इस अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं चित्र का अनावरण किया गया। वृक्षारोपण पोस्टर का विमोचन आचार्य श्री के सानिध्य में रघुवीर सिंह मीणा पूर्व सांसद, ताराचंद मीणा कलेक्टर उदयपुर, पारस सिंघवी उप महापौर नगर निगम ,शांतिलाल वेलावत अध्यक्ष सकल दिगंबरजैन समाज ,मुकेश जैन संस्थापक णमोकार सेवा संस्थान एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर ताराचंद मीणा कलेक्टर ने अपने उद्बोधन में विश्व पर्यावरण कार्यक्रम जनहित का लोकोपयोगी कार्यक्रम है ऐसे कार्यक्रम जागरूकता का संदेश देते हैं। पर्यावरण का संरक्षण सभी का सामूहिक दायित्व है इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने भी विचार रखे।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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