जो प्रतिदिन सुबह अभिषेक का लोटा उठाएगा वो जिंदगी में कभी शराब की बोतल नहीं उठाएगा सुधासागर महाराज
पृथ्वीपुर
निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज ने अपने प्रवचन में कहा की पाप धोने के लिए मंदिर और गुरू चरण एक महत्वपूर्ण स्थान है। मंदिर खाली मत जाओ भगवान और गुरू का निरंतर स्मरण करो।
दिगंबर जैन मंदिर में प्रवचन देते हुए मुनि श्री ने कहा कि मुनि महाराज के लिए आदिनाथ प्रभु ने कितनी कोमल पिच्छी दी। उन्हें सदा दुनिया के कल्याण आशीर्वाद का उपदेश दिया। तुम अपने परिवार, समाज और राष्ट्र की रक्षा करने के लिए तैयार रहो।

हिंसा के विषय में उन्होंने कहा कि हिंसा करना पाप की श्रेणी में आता है लेकिन अपने परिवार, धन, राष्ट्र के लिए हिंसा दुर्गति का कारण नहीं है। सीख दी की जिन कार्यों की हमें आवश्यकता नहीं है उन कार्यों को करना छोड़ दो। फिर देखो तुम्हारे जीवन में बचत ही बचत होगी। उन्होंने कहा कि जिनेंद्र भगवान और जैन मुनि क्यों कहते है कि मंदिर में कभी भी खाली हाथ मत प्रवेश करो। उन्होंने यह भी कहा जो प्रतिदिन सुबह अभिषेक का लोटा उठाएगा, वो जिंदगी में कभी शराब की बोतल नहीं उठाएगा।

इस पर जोर देते हुए उन्होंने कहा मुझे अभिषेक नही कराना है मुझे अपने भक्तों को व्यसनों से बचाना है। मुझे भक्तों से दान नहीं करवाना है मुझे भक्तों की कमाई को चोरी में, जुएं में लुटने से बचाना है। उन्होंने कहा कि तुमने स्नान करके पानी को गंदा किया है, एक-एक बूंद पानी को तरसोगे। इसलिए मेरा भक्त अभिषेक करता रहे ताकि एक-एक बूंद पानी का मोहताज नहीं रहे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
