कमाऊ पूत आवै डरतो, अणकमाऊ आवै लड़तो ।*_

देश

_*कमाऊ पूत आवै डरतो, अणकमाऊ आवै लड़तो ।*_

बहुत वर्ष पहले यह मारवाड़ी मुहावरा पढ़ा था कहीं, पर अब यह अपने *रामगंज मंडी जंक्शन* पर सटीक बैठता है । जहां सैकड़ों की संख्या में खदान, फैक्ट्रियों से लाखों फीट कोटा स्टोन का माल तैयार होता है और वहीं धनिया आदि अन्य मसाले टनों में बिकने आते है । राजस्थान में जोधपुर के बाद दूसरा मसाला पार्क हमारे यहां है जिनसे सरकार को लाखो करोड़ों का राजस्व प्राप्त होता है पर इन सबका फायदा कोई झूठ बोल कर तो कोई जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाकर दूसरे स्टेशन वाले ले रहे जबकि स्थानीय निर्मोही हो रहे है ।

 

 

 

 

 

पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में कोटा, सवाईमाधोपुर, भरतपुर, गंगापुर के बाद पांचवे नंबर पर सबसे ज्यादा यात्रियों के फुटफॉल मिलने पर भी न जाने कितनी ही ट्रेनें रामगंज मंडी को 130 किमी प्रतिघंटे के रफ्तार से झंडी उड़ाते हुए निकलती और चिढ़ाती है की यहां नहीं रुकूंगी पर आगे वाले कम फुटफॉल वाले रेलवे स्टेशन पर रुकूंगी ।

 

_फुटफॉल यानी एक रेलवे स्टेशन पर आवक – जावक यात्रियों की संख्या होती है ।_
बीते दिनों हमने रामगंजमंडी की विभिन्न रेलवे स्टेशन की आय से तुलना करी थी और आज हम प्रतिदिन औसत फुटफॉल के आधार पर पश्चिम मध्य रेलवे के ही अन्य स्टेशन से तुलना करेंगे ।           

*रामगंज मंडी : 8745*
भवानी मंडी : 7541
सुवासरा : 2735
शामगढ़ : 3503
विक्रमगढ़ आलोट : 4043
चौमहला : 2982
श्रीमहावीरजी : 2222
इंदरगढ़ सुमेरगंजमंडी : 3466
हिंडौन सिटी : 8490
बयाना : 6402
डकनिया तलाव : 7901
(उपरोक्त आंकड़े भारतीय रेल की “रेलदृष्टि” वेबसाइट से लिए गए है जिसमे आवक-जावक, आरक्षित-अनारक्षित यात्रियों की संख्या समायोजित है)

उपरोक्त में से एक या एक से ज्यादा स्टेशन पर रुकने वाली ट्रेनों की संख्या 15 जोड़ी है जो रामगंज मंडी नही रुकती । उनमें से मुख्य निम्नलिखित है :-
1. 12976/75 जयपुर मैसूर
2. 12471/72 बांद्रा जम्मूतवी कटड़ा स्वराज एक्सप्रेस
3. 20845/46 बिलासपुर बीकानेर
4. 12937/38 गांधीधाम हावड़ा गरबा एक्सप्रेस
इनके अलावा
5. 20813/14 जोधपुरी पुरी
6. 12973/74 इंदौर जयपुर (यह कोविड से पूर्व रुकती थी)
का ठहराव भी रामगंजमंडी स्टेशन को प्रमुखता से चाहिए ।
इनके अलावा कम से कम और 40 जोड़ी ट्रेन ऐसी है जिनका ठहराव रामगंजमंडी में नहीं होता और रतलाम या नागदा से सीधा ठहराव कोटा होता है । हर बार छुट्टियों में चलने वाली स्पेशल ट्रेन का ठहराव नही होता जैसे अभी 12 जोड़ी स्पेशल ट्रेन चल रही है जिनका रामगंज मंडी में ठहराव नहीं है ।

 

अगर आपको भी कोई ट्रेन पकड़ने के लिए कोटा जाने के धक्के खाने पड़े हो, आप भी चाहते हो की आपको जगन्नाथ पुरी, गया, प्रयागराज, वैष्णोदेवी आदि तीर्थ स्थानों के दर्शन के लिए सीधी ट्रेन आपके ही शहर से मिले, कही और नही जाना पड़े तो
भाईयो जागिए, अगर जागे हुवे हो तो उठिए और दूसरो को भी जगाएं और सभी संगठित होकर इस चुनावी वर्ष में एक सुर में जनप्रतिनिधियों, नेताओं, रेलवे के अधिकारियों को अपनी मांगे ज्ञापित कीजिए और इस संदेश को औरों तक पहुंचाकर चिंगारी को दावानल का रूप दे क्योंकि अभी नही तो कभी नही ।

जय हिंद ! जय भारत !

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