मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के केशलोच

धर्म

मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के केशलोच
मडावरा

अगर कोई तप है तो वह है केशलोच दिगंबर परिदेश में जो साधुओं के मूल गुण हैं उनमें केशलोच एक अहम है। स्वयं हाथों से अपने बालों को उखाड़ना कोई साहित्य कार्य नहीं है।

 

 

 

विश्व में अगर कोई इसे कर पा रहा है तो वह केवल जैन साधु संत हैं जो बिना किसी औजार के अपने बालों का लुंचन करते हैं। यही ऐसी साधना है जो जैन संतों को महानता का स्वर्णिम शिखर देती है।

 

शुद्ध जैन भोजन के साथ यात्रा

बुधवार की प्रातः बेला में ललितपुर के नगर गौरव आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम शिष्य पूज्य मुनि श्री पूज्य सागर महाराज ने मंडावरा में केशलोच किए। आज पूज्य मुनि श्री का उपवास रहेगा।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *