एक परिचय समाधीस्थ मुनि शांतिसागर महाराज
*प.पू मुनिश्री 108 शांतिसागर जी महाराज*
*_????जीवन परिचय ????_*
*_???? पूर्व नाम :-_*
*श्री दादा सो श्रीपाल पाटिल, जैन*
*_????जन्म :-_*
*01/ जून /1960 दिन बुधवार*
*जेष्ठ शुक्ल- षष्ठी,विक्रम संवत् 2017*
*_????जन्म स्थान :-_*
*समडोली,जिला-सांगली(महाराष्ट्र)*
*_????पिताश्री :-_*
*श्रीमान श्रीपाल पाटिल ,जैन*
*_????माताश्री :-_*
*श्रीमति हौसा बाई पाटिल, जैन*
*_????लौकिक शिक्षा :-_*
*दसवीं (मराठी माध्यम )*
*_????मातृभाषा :-_*
*मराठी,कन्नड़,हिन्दी*
*_????व्यवसाय :-_*
*कृषिफर्म ( खेती )*
*_????ब्रम्हचर्य व्रत :-_*
*जनवरी 1993 मे,जबलपुर(म.प्र.)*
*_????स्थान :-_*
*श्री मढ़िया जी,पंचकल्याणक जबलपुर में प.पू.आचार्य विद्यासागरजी के करकमलों से आजीवन ब्रम्हचारी व्रत, संघ में 15 वर्ष तक आना जाना रहा*
*_????विशेष रुची :-_*
*मुनि,त्यागी प्रतियों की सेवा, वीर सेवादल सामजिक संगठन में सहभागी होकर धर्म-समाज की सेवा की,रोज अभिषेक, पूजन और स्वाध्याय,श्रावकों के षट्आवश्यकों का पालन*
*_????ऐलक दीक्षा :-_*
*02 /अप्रैल /2010 दिन शुक्रवार*
*चैत्र कृष्ण- चतुर्थी, वि.सं.2066*
*_????स्थान :-_*
*श्री महावीर व्रती आश्रम, म्हैसाल,जि.सांगली, महाराष्ट्र*
*_????मुनि दीक्षा :-_*
*02 /दिसंबर /2010,दिन-गुरुवार*
*मार्गशीर्ष कृष्ण-एकादशी, वि.सं. 2067*
*_????स्थान :-_*
*श्री आदीगिरी तीर्थक्षेत्र, समडोली, जिला- सांगली, महाराष्ट्र*
*_????दीक्षा गुरूदेव :-_*
*प.पू.शांतमूर्ति,वाल्सल्य रत्नाकर आचार्य भगवंत श्री 108 सन्मतिसागर जी मुनिराज (दक्षिण)*
*_????वैराग्य का कारण:-_*
*बचपन से धार्मिक संस्कार क्षेत्र का प्रभाव समडोली धर्म नगरी में सतत साधुसंधो का वास्तव्य होने से सेवा, वैय्यावृत्ति,आहारदानादि के निमित्त से वैराग्य भाव बनते गये*
*आचार्य बाहुवली जी, आ.सुबलसागर जी,आ.विद्यासागर जी,ऐलाचार्य विद्यानंद जी (दिल्ली),आ.श्रुतसागर जी (दक्षिण),आ.सन्मतिसागर जी (दक्षिण),मुनिमहाबल जी इ.अनेकानेक साधुओं की संगति से वैराग्य प्रबल हो गया।*
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*????नियमसलेखना पूर्वक समाधि मरण*
*दिनांक 20/01/22 दिन गुरुवार समय रात्रि 11.45 बजे*
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