वर्तमान में मानव जीवन जी रहा है पर पता नहीं कि मैं क्यों जी रहा हूं,प्रसन्नमति माताजी

धर्म

वर्तमान में मानव जीवन जी रहा है पर पता नहीं कि मैं क्यों जी रहा हूं,प्रसन्नमति माताजी

धरियावद

महावीर दिगंबर जैन मंदिर में आर्यिका प्रसन्नमति माता ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए जैन धर्म को                 पूर्णतया वैज्ञानिक धर्म बताया उन्होने इस पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा जैन धर्म के अनुसार जीवन जीने से स्वस्थ्य और सुखी रह सकते हैं। लेकिन आजकल सभी अपनी लाइफ- वाइफ के लिए जीने लगे हैं। मनुष्य जीवन में जैन कुल मिलने पर अपने परिवार एवं गृहस्थी में नहीं उलझकर अपने स्वंय के लिए जीने पर आत्मा का कल्याण कर मनुष्य जीवन को सार्थक कर सकते हैं। माता ने कहा कि वर्तमान में मानव जीवन जी रहा है पर पता नहीं कि मैं क्यों जी रहा हूं, किसके लिए जी रहा हूं, कैसे जी रहा है, यह कुछ भी पता नही है। 84 लाख योनियों में सबसे श्रेष्ठ मनुष्य योनी प्राप्त हुई है अत: अच्छे कर्म कर पुण्यार्जन करके देवगति को प्राप्त होकर मनुष्य पर्याय को सार्थक कर सकते हैं। माताजी ने जैन धर्म पर प्रवचन देते हुए कहा कि मात्र जैन कुल में जन्म लेना ही पर्याप्त नहीं है, सच्चे जैन बनकर जैन धर्म को जीवन में अपनाकर जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। धर्म सभा के दौरान मंगलाचरण सागरमल बोहरा तथा मंच संचालन सूर्यप्रकाश बोहरा ने किया। जिनवाणी स्तुति कर धर्मसभा का समापन हुआ। आर्यिका प्रसन्नमति माताजी के सानिध्य में प्रत्येक रविवार को सुबह बालक-बालिकाओं को अभिषेक व पूजन विधि सिखाई जाएगी। प्रवचन सभा के बाद प्रश्न मंच का आयोजन किया जाएगा। शाम को बालक -बालिकाओं को धार्मिक शिक्षा दी जाएगी। माताजी के सानिध्य में प्रतिदिन सुबह 7 बजे से जिनाभिषेक, प्रवचन सभा, शाम को आरती, भक्ति, वैयाव्रति सहित नियमित कार्यक्रम प्रतिदिन सम्पन्न होंगे। वर्षायोग कमेटी के प्रवक्ता अशोक कुमार जेतावत ने बताया कि माताजी के वर्षायोग के लिए मंगल कलश स्थापना होगी। समारोह समाज के श्रेष्ठि भंवरलाल जेकणावत व वर्षायोग कमेटी अध्यक्ष ख्‍यालीलाल गनोड़िया के नेतृत्व में 15 जुलाई को दोपहर 1 बजकर 22 मिनिट से होगा। कार्यक्रम माताजी के सानिध्य एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शिरोमणि प्रतिष्ठाचार्य हंसमुख जैन के निर्देशन में होगा। समारोह आयोजक दशा नरसिंहपुरा जैन समाज सहित निवेदक सकल दिगंबर जैन स्थानीय समाज, खुंता, मूंगाणा, , पारसोला, निठाऊआ, नरवाली, बोरिया, कूण, खमेरा, घाटोल, बांसवाड़ा, सलूम्बर, भींडल, उदयपुर, प्रतापगढ़, मंदसौर सहित श्रावक श्राविका इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।

संकलित अभिषेक जैन लूहाडीया रामगंजमंडी

 

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