वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी ने आचार्य पद स्थली पारसोला में दी रत्नत्रय के प्रतीक तीसरी बार दी दीक्षा ब्रह्म प्रेम बने मुनि विवर्जित सागर जी

वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी ने आचार्य पद स्थली पारसोला में दी रत्नत्रय के प्रतीक तीसरी बार दी दीक्षा ब्रह्म प्रेम बने मुनि विवर्जित सागर जी पारसोला प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवती आचार्य श्री शांतिसागरजी की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परम्परा के पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी वर्ष 2024 का […]

Read More

जीवन की सार्थकता खड़े होकर निकलने से है आडे होकर निकलना मृत्यु अर्थी का प्रतीक है आचार्य श्री वर्धमान सागर

जीवन की सार्थकता खड़े होकर निकलने से है आडे होकर निकलना मृत्यु अर्थी का प्रतीक है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी पारसोला। आज प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज के संयम उपकरण सिंहासन, पीछी, कमंडल शास्त्र का नगर में आचार्य वर्धमान सागर जी के सानिध्य में भव्य मंगल प्रवेश हुआ संपूर्ण समाज द्वारा निर्धारित गणवेश […]

Read More