जीवन की सार्थकता खड़े होकर निकलने से है आडे होकर निकलना मृत्यु अर्थी का प्रतीक है आचार्य श्री वर्धमान सागर

जीवन की सार्थकता खड़े होकर निकलने से है आडे होकर निकलना मृत्यु अर्थी का प्रतीक है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी पारसोला। आज प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज के संयम उपकरण सिंहासन, पीछी, कमंडल शास्त्र का नगर में आचार्य वर्धमान सागर जी के सानिध्य में भव्य मंगल प्रवेश हुआ संपूर्ण समाज द्वारा निर्धारित गणवेश […]

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