गुरु भारतीय संस्कृति की खोज है दुनिया के पास टीचर तो है लेकिन गुरु नहीं समता सागर महाराज

गुरु भारतीय संस्कृति की खोज है दुनिया के पास टीचर तो है लेकिन गुरु नहीं समता सागर महाराज डोंगरगढ़ “गुरु” की महिमा बरनी न जाए,गुरु नाम जपो मन वचन काय” “गुरु”भारतीय संस्कृति की खोज है, दुनिया के पास टीचर तो है लेकिन गुरू नहीं,गुरु तो ज्ञानी, पारखी, उदार हृदय,तथा गम्भीर एवं रहस्य उदघाटक होते है,वह […]

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गुरुवर का वियोग अवश्य हुआ है लेकिन वह आज भी हम सभी के हृदय में श्वास श्वास में विराजमान है समता सागर महाराज

गुरुवर का वियोग अवश्य हुआ है लेकिन वह आज भी हम सभी के हृदय में श्वास श्वास में विराजमान है समता सागर महाराज चंद्रगिरी तीर्थ डोंगरगढ़ प्रभु का स्थान भले ही बड़ा है लेकिन कही मायनों में प्रभु से भी बड़ा स्थान गुरु का होता है, क्योंकि गुरु ही प्रभु का परिचय कराते है,ऐसे में […]

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