ज्ञान गंगा महोत्सव: आचार्य पुलकसागर का बड़ा संदेश— “आपकी कुंडली या हस्तरेखा नहीं, आपका नेचर तय करता है आपका फ्यूचर”
मनुष्य का भविष्य उसकी जन्मकुंडली या हस्तरेखा नहीं, बल्कि उसका स्वभाव, संस्कार और व्यवहार तय करते हैं।” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धन, पद, रूप या बाहरी आकर्षण नहीं, बल्कि विनम्रता और श्रेष्ठ चरित्र ही जीवन की वास्तविक पहचान हैं।
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