जैन दर्शन दो धर्मों की बात करता है –एक श्रावक धर्म, दूसरा मुनि धर्म..!अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज

जैन दर्शन दो धर्मों की बात करता है –एक श्रावक धर्म, दूसरा मुनि धर्म..!अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज कुलचाराम हैदराबाद अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा किजैन दर्शन दो धर्मों की बात करता है,एक श्रावक धर्म, दूसरा मुनि धर्म..!     उन्होंने कहा की श्रावक धर्म कहता है – यदि […]

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