मनुष्य का मन अनुभूत है –?**मन हँसाता भी है, रूलाता भी है।अन्तर्मना आचार्य प्रसन्नसागरजी महाराज

मनुष्य का मन अनुभूत है –?**मन हँसाता भी है, रूलाता भी है।अन्तर्मना आचार्य प्रसन्नसागरजी महाराज   कुलचाराम हैदराबाद  अन्तर्मना आचार्य प्रसन्नसागरजी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा किमनुष्य का मन अनुभूत है –?*मन हँसाता भी है, रूलाता भी है।*मन मित्र भी बनाता है, तो दुश्मन भी बना देता है।मन दिशा भी देता है और […]

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