गुरुवर का वियोग अवश्य हुआ है लेकिन वह आज भी हम सभी के हृदय में श्वास श्वास में विराजमान है समता सागर महाराज
गुरुवर का वियोग अवश्य हुआ है लेकिन वह आज भी हम सभी के हृदय में श्वास श्वास में विराजमान है समता सागर महाराज चंद्रगिरी तीर्थ डोंगरगढ़ प्रभु का स्थान भले ही बड़ा है लेकिन कही मायनों में प्रभु से भी बड़ा स्थान गुरु का होता है, क्योंकि गुरु ही प्रभु का परिचय कराते है,ऐसे में […]
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