इज्जत इन्सान की नहीं, उसके गुणों की या.मन की उदारता की होती है..!*अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज

*इज्जत इन्सान की नहीं, उसके गुणों की या.मन की उदारता की होती है..!*अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज कुलचाराम हैदराबाद अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा किइज्जत इन्सान की नहीं, उसके गुणों की या मन की उदारता की होती है..! उन्होंने इसको समझते हुए कहा कि मन की उदारता – मन […]

Read More