हमने प्राप्त को पर्याप्त मान मन को समझ लिया तो हम दुख को दुख नहीं समझेंगे प्रमाण सागर महाराज
हमने प्राप्त को पर्याप्त मान मन को समझ लिया तो हम दुख को दुख नहीं समझेंगे प्रमाण सागर महाराज इंदौर कर्म” के खेल बड़े निराले होते है जब तक कर्म आपके अनुकूल होते है,तो आप प्रसन्न नजर आते हो, और थोड़ी सी प्रतिकूलता क्या आई कि आप दुःखी हो जाते हो,जो मनुष्य परिस्थितियों का रोना […]
Read More