स्वयं की आत्मा ही तीर्थ :- गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी

स्वयं की आत्मा ही तीर्थ :- गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी गुंसी श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ गुंसी (राज.) में ससंघ सहित धर्म साधना में प्रवृत्त गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी अपनी उत्कृष्ट साधना करते हुए व्रती आश्रम में रहने वाले सभी वृतियों को अध्ययन अध्यापन करवा रही है ।   माताजी ने सभी को धर्मोपदेश देते […]

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