स्थापना कलश की बोली से साधु संतो के बड़े व छोटे होने का आकलन कितना उचित*

*स्थापना कलश की बोली से साधु संतो के बड़े व छोटे होने का आकलन कितना उचित*      वर्तमान समय में जैन समाज में एक नई अवधारणा का विकास हो रहा है उस अवधारणा में साधु संतों के भी छोटे और बड़े होने का आकलन किया जा रहा है।उसी से उनकी महत्वता भी सिद्ध की […]

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