सुख दुख की अभिव्यक्ति जीव के परिणाम से तथा शरीर के माध्यम से मिला करती है समता सागर महाराज
सुख दुख की अभिव्यक्ति जीव के परिणाम से तथा शरीर के माध्यम से मिला करती है समता सागर महाराज सम्मेद शिखर हमारी चेतना ज्ञान दर्शन स्वभावी है,उसमें कर्म का कोई संयोग या संबंध नहीं,”सुख दुःख की अभिव्यक्ति जीव के परिणाम से तथा शरीर के माध्यम से मिला करती है” जैसे दूध में शक्कर घुल मिल […]
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