अन्तर्मना उवाच हमें किसी व्यक्ति के गुण नहीं दिखते, सिवाय दोष और कमी के। प्रसन्नसागर महाराज

अन्तर्मना उवाच हमें किसी व्यक्ति के गुण नहीं दिखते, सिवाय दोष और कमी के। प्रसन्नसागर महाराज एक संत ने दीवार पर बड़ा सा सफेद पेपर लगाया और मार्कर पेन से पेपर के बीच में काला डाॅट लगा दिया। फिर सब लोगों से पूछा-? इस पेपर में सबको क्या दिख रहा है-? सबने एक स्वर में […]

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