समय और शब्द दोनों का उपयोग लापरवाही से ना करे क्योंकि ये दोनों ना दोबारा आते हैं ना मौका देते हैं। विज्ञाश्री माताजी

समय और शब्द दोनों का उपयोग लापरवाही से ना करे क्योंकि ये दोनों ना दोबारा आते हैं ना मौका देते हैं। विज्ञाश्री माताजी गुन्सी श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ, गुन्सी (राज) में विराजमान गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने श्रद्धालुओं को धर्मोपदेश देते हुए कहा कि – जीवन जीना इतना आसान नहीं है। ज्यादा बोलो तो […]

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