संस्कृति रक्षा के लिए निस्वार्थ सेवा व पुराने संस्कार जरूरी हैं : निर्भय सागर

संस्कृति रक्षा के लिए निस्वार्थ सेवा व पुराने संस्कार जरूरी हैं : निर्भय सागर सागर तपोवन तीर्थ में चातुर्मास औरपंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न कराने के बाद आचार्य निर्भय सागर महाराज का मंगल विहार कर्रापुर के लिए हुआ।   शुक्रवार को सुबह 7 बजे अपनी जन्मस्थली धवौली में मंगल प्रवेश होगा। धवौली में शांति विधान, शिखर शुद्धिऔर […]

Read More