संस्कारी व्यक्ति ही संस्कृति को आगे बढ़ा सकते हैं गुरुमति माताजी

संस्कारी व्यक्ति ही संस्कृति को आगे बढ़ा सकते हैं गुरुमति माताजी दमोह सिद्ध चक्र महामंडल विधान के अंतर्गत जैन धर्मशाला में आर्यिका 105 गुरुमति माताजी ने अपने मंगल प्रवचन में संस्कृति एवं संस्कारों पर जोर दिया।     उन्होंने कहा की संस्कृति के संरक्षण के लिए शिक्षा संस्कार युक्त होनी चाहिए। संस्कारित व्यक्ति ही संस्कृति […]

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