संस्कारित प्राणियों के लिए दीक्षा संसार परिभ्रमण से मुक्त होने का मार्ग है दीक्षा से ड्रेस,एड्रेस, भोजन बदल जाता है। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

संस्कारित प्राणियों के लिए दीक्षा संसार परिभ्रमण से मुक्त होने का मार्ग है दीक्षा से ड्रेस,एड्रेस, भोजन बदल जाता है। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी उदयपुर दीक्षा से सबको भय लगता है जबकि दीक्षा संसार परिभ्रमण से मुक्त होने का निष्प्रही मार्ग है। संसारी व्यक्ति परिभ्रमण कर दौड़ लगा रहे हैं यह दौड़ कभी समाप्त […]

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