संसार सागर से पार लगाती है मां जिनवाणी* मुनि श्री दुर्लभ सागर जी 

संसार सागर से पार लगाती है मां जिनवाणी* मुनि श्री दुर्लभ सागर जी  आरोन* । इस संसार में अनंतानंत भवों से एक पर्याय से दूसरी पर्याय को बदलते हुए परिभ्रमण करता रहता है जीव जीव के कर्म उसे एक पर्याय से दूसरी पर्याय में भ्रमण कराते रहते हैं। यदि जीव को इन पर्यायों से मुक्त […]

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