संसार में दूसरों को संतुष्ट करने जाओगे तो असंतुष्ट हो जाओगे अजीत सागर महाराज

संसार में दूसरों को संतुष्ट करने जाओगे तो असंतुष्ट हो जाओगे अजीत सागर महाराज सागर पूज्य मुनि श्री अजीत सागर महाराज ने सागर के भाग्योदय तीर्थ परिसर में अपने उद्बोधन में आदमी की पहचान बताते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति अपनी इंद्रियों को संयमित लेता है वही आदमी कहलाता है। वह ज्ञानी जन की […]

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