संसारी प्राणी दुख में सुख की खोज करता है जो की अज्ञानता है आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज

संसारी प्राणी दुख में सुख की खोज करता है जो की अज्ञानता है आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज बिजोलिया 25 वर्षों में रजत जयंती मनाई जाती है हमारे द्वारा 27 वर्ष पूर्व बिजोलिया में पंचकल्याणक हुआ था देखा जाए तो इस पंचकल्याणक महोत्सव की भी रजत जयंती हो चुकी है प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान से […]

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