श्री जी के अभिषेक करते समय कलश श्री जी से टकराने से अतिशय ओर गुणों में कमी होती हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

श्री जी के अभिषेक करते समय कलश श्री जी से टकराने से अतिशय ओर गुणों में कमी होती हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी टोंक भगवान के दर्शन ,अभिषेक, पूजन, स्वाध्याय विनय पूर्वक सावधानी से करना चाहिए प्रतिमा चाहे पाषाण धातु या रत्न की हो पंचकल्याणक में सूरीमंत्र की क्रिया से गुणों का आरोपण कर प्रतिमा […]

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