श्रद्धा की पेंदी बिन स्वस्थ ( स्व में स्थित) रूप नहीं प.पू. पट्ट गणिनी आर्यिका श्री विज्ञमति माताजी

श्रद्धा की पेंदी बिन स्वस्थ ( स्व में स्थित) रूप नहीं प.पू. पट्ट गणिनी आर्यिका श्री विज्ञमति माताजी श्री सम्मेदशिखर, मध्यलोक त्रिलोक कल्याणी जगत पूज्या भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 विशुद्ध मति माताजी की प्रियाग्र शिष्या पट्ट गणिनी आर्यिका 105 श्री विज्ञमति माताजी ने अपनी पियूष वाणी से भव्यजनों को कृतार्थ करते हुए कहा कि […]

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