शांति का परम द्वार निर्मल सृष्टि :- गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी*
*शांति का परम द्वार निर्मल सृष्टि :- गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी* गुंसी श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ गुंसी (राज.) में विराजमान श्रमणी गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने धर्मोपदेश देते हुए कहा कि – शांति का परम् द्वार निर्मल दृष्टि है…। और जिसकी दृष्टि निर्मल नहीं, उसका चित्त शांत नहीं होता। दृष्टि जैसी होती है उसे […]
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